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'डरो मत मोदी जी...', राहुल गांधी ने फिर दी PM को खुली बहस की चुनौती, बताया किन मुद्दों पर होंगे सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दौरान विपक्ष पर देश में अस्थिरता पैदा करने और अफवाहें फैलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि जब देश बाहरी चुनौतियों का सामना कर रहा था, तब कुछ आंतरिक ताकतें झूठ और अफवाहों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही थीं। अब उनके इन्हीं आरोपों को लेकर राहुल गांधी ने पीएम मोदी को खुली बहस की चेतावनी दी है।

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राहुल गांधी ने दी पीएम मोदी को खुली बहस की चेतावनी।

Photo : Twitter

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर खुली बहस की चुनौती दी है। विपक्ष को 'राष्ट्रविरोधी' बताने और विदेशी ताकतों से संबंध होने के आरोपों को लेकर राहुल गांधी ने जमकर हल्ला बोला। राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट कर कहा कि अगर प्रधानमंत्री को उनके विदेशी संपर्कों से जुड़े आरोपों पर आपत्ति है तो उन्होंने अब तक उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा क्यों नहीं किया। राहुल की इस चुनौती के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी पलटवार किया है।

'24 घंटे हो गए, अब बहस के लिए सामने आइए'

राहुल गांधी ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर पीएम मोदी को खुली बहस की चुनौती दी। इस वीडियो में उन्होंने कहा,'24 घंटे हो गए मोदी जी। मैंने आपको चैलेंज दिया है।आप कहते हो कि विपक्ष देशद्रोही है। किसी भी स्टेज पे आप जगह चुनिए, डिबेट कीजिए मेरे साथ।'

राहुल गांधी ने अपने वीडियो संदेश में विपक्ष को देशद्रोही कहने के आरोपों पर बोलते हुए कहा कि पीएम मोदी किसी भी मंच और स्थान का चयन कर सकते हैं। बहस इस मुद्दे पर होनी चाहिए कि राष्ट्रविरोधी कौन है और किसके विदेशी ताकतों से संबंध हैं। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री और वह आमने-सामने बैठकर इस विषय पर चर्चा करें। इसमें मीडिया और देश के युवा भी मौजूद रहें। उन्होंने यहां तक कहा कि प्रधानमंत्री चाहें तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को बहस का निर्णायक बना सकते हैं।

अमेरिकी डील से लेकर अडानी और एपस्टीन तक उठाएंगे सवाल

उन्होंने आगे कहा कि बहस केवल विदेशी संबंधों के आरोपों तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें देश की वित्तीय व्यवस्था और आर्थिक ढांचे से जुड़े सवाल भी उठाए जाएंगे। राहुल ने अपने वीडियो में अमेरिकी समझौते, उसे इतनी जल्दी करने की वजह, कैबिनेट को जानकारी दिए बिना अकेले फैसला लेने और अडानी मामले को बंद किए जाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की बात कही।

उन्होंने एपस्टीन मामले का भी जिक्र किया और कहा कि इन सभी विषयों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। राहुल ने प्रधानमंत्री से कहा कि वह उन पर आरोप लगाते हैं, इसलिए उन्हें सामने आकर इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।

'मेरे खिलाफ करीब 45 मानहानि के मुकदमे, इस मुद्दे पर क्यों नहीं?'

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को मानहानि के मुकदमों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में करीब 45 मानहानि के मुकदमे दर्ज कराए गए हैं, लेकिन विदेशी संबंधों के आरोप को लेकर प्रधानमंत्री ने अब तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया।

राहुल ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री चाहें तो इस मामले में भी मानहानि का मुकदमा दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अदालत और सार्वजनिक मंच पर इस मुद्दे पर चर्चा का मौका मिल जाएगा।

किरेन रिजिजू ने किया पलटवार

राहुल गांधी की चुनौती पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने निशाना साधा। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उच्चस्तरीय बहस परिपक्व लोगों के बीच होती है। राहुल की चुनौती पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने इसकी तुलना इस्लामी कट्टरपंथियों के धर्मनिरपेक्षता की बात करने और अलगाववादियों के तिरंगा उठाने से की। रिजिजू ने आरोप लगाया कि भारत के दुश्मनों के एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले लोग ही दूसरों पर विदेशी समर्थन लेने का आरोप लगा रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसा करना खुद का मजाक उड़ाने जैसा है।

PM मोदी ने विपक्ष पर लगाए थे ये आरोप

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दौरान विपक्ष पर देश में अस्थिरता पैदा करने और अफवाहें फैलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि जब देश बाहरी चुनौतियों का सामना कर रहा था, तब कुछ आंतरिक ताकतें झूठ और अफवाहों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही थीं। प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि विपक्ष अपनी हताशा में देश के विकास के रास्ते में बाधाएं खड़ी कर रहा है। इसी बयान के बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को विदेशी संबंधों और विपक्ष को राष्ट्रविरोधी बताने के आरोपों पर खुली बहस की चुनौती दी है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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