जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर बढ़ती नाराजगी और सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के पार्टी छोड़ने के ऐलान के बीच उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने उमर अब्दुल्ला सरकार की स्थिरता को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को कोई खतरा नहीं है और पार्टी के पास कार्यकर्ताओं तथा नेताओं की शिकायतें सुनने और उनका समाधान करने की व्यवस्था मौजूद है। चौधरी ने दावा किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस मजबूती से काम कर रही है और सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी।
रूहुल्लाह के इस्तीफे से बढ़ी पार्टी की मुश्किलें
दरअसल, श्रीनगर से लोकसभा सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने मंगलवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस से इस्तीफे का ऐलान किया। इतना ही नहीं आगा रूहुल्लाह मेहदी ने नई पार्टी के गठन का संकेत देते हुए संसद की सदस्यता भी छोड़ने का ऐलान किया। 2024 में NC के टिकट पर लोकसभा के लिए चुने गए रूहुल्लाह ने अपने समर्थकों के सामने 80 मिनट के भाषण में नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधा। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए प्रमुख वादों से पीछे हटने का आरोप लगाया। इनमें अनुच्छेद 370 की बहाली का मुद्दा भी शामिल है।रूहुल्लाह ने अपने पिता आगा सैयद मेहदी की 26वीं पुण्यतिथि पर आयोजित एक रैली में यह घोषणा की। उनका पार्टी से अलग होना हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर सामने आ रहे मतभेदों के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
'सरकार को कोई खतरा नहीं'
जम्मू में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी से पूछा गया कि पार्टी के कुछ विधायकों की नाराजगी और रूहुल्लाह की बगावत के बीच क्या उमर अब्दुल्ला सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा कर पाएगी? इस पर उन्होंने कहा कि सरकार को कोई खतरा नहीं है। चौधरी ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को जनता ने अपना जनादेश देकर सत्ता में पहुंचाया है। उन्होंने पत्रकारों से भी अपील की कि वे केवल नेताओं के बयानों के आधार पर सरकार के कामकाज का आकलन न करें, बल्कि गांवों और कस्बों में जाकर आम लोगों से बात करें। जनता खुद बता देगी कि कौन अच्छा काम कर रहा है और कौन नहीं।
पार्टी नेतृत्व करेगा नाराजगी दूर करने पर फैसला
नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर मतभेदों और नाराज नेताओं को मनाने की कोशिशों पर चौधरी ने कहा कि पार्टी में छोटे से छोटे कार्यकर्ता की बात भी सुनी जाती है। यदि कोई नेता या कार्यकर्ता कमियां बताता है अथवा कोई सुझाव देता है तो नेतृत्व उस पर विचार करेगा और जरूरी सुधार की कोशिश करेगा।उन्होंने कहा कि इस संबंध में अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। इसमें पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री और पार्टी के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला के साथ-साथ पार्टी की कार्यसमिति की भूमिका अहम होगी। यदि किसी सुझाव से पार्टी मजबूत होती है तो उस पर चर्चा की जा सकती है।
6 नवंबर की बैठक पर सीधा जवाब देने से बचे
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नाराज विधायकों और फारूक अब्दुल्ला के बीच 6 नवंबर को प्रस्तावित बैठक को लेकर पूछे गए सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने सीधा जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि लोगों को इंतजार करना चाहिए। नेशनल कॉन्फ्रेंस मजबूती से काम कर रही है और पार्टी का चुनाव चिह्न हल लगातार आगे बढ़ रहा है।
कमल पर तंज, बीजेपी नेताओं पर साधा निशाना
बीजेपी नेता राम माधव के जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर चौधरी ने पार्टी के चुनाव चिह्न कमल के बहाने तंज कसा। उन्होंने कहा कि हर चीज के खिलने का एक मौसम होता है। सर्दियां आ गई हैं और संभव है कि इस मौसम में कमल न खिले। उन्होंने कमल के मुरझाने और फिर खिलने की बात कहते हुए बीजेपी पर राजनीतिक कटाक्ष किया। इससे पहले भी चौधरी ने बीजेपी के चुनावी दावों पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के प्रदर्शन का फैसला जनता करती है।
