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यूरोप में हैकरों ने 50°C तक गर्म किए सुपरमार्केट के फ्रिज, लाखों का खाना खराब, जानें कैसे हो रहे हैं 'साइबर अटैक'

यूरोप में सुपरमार्केट अब चोरों से नहीं, हैकरों से परेशान हैं हैकर रात में फ्रिज का टेंपरेचर 5°C से बढ़ाकर करीब 55°C तक कर दे रहे हैं। इन साइबर अटैक के कारण कैसे लाखों का खाना हो रहा है खराब, जानें इसके पीछे की वजह और इसके खतरे...

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यूरोप में सुपरमार्केट अब चोरों से नहीं, हैकरों से परेशान
Authored by: रवि वैश्य
Updated Nov 3, 2026, 18:45 IST
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आज के दौर में हमारे घर तेजी से 'स्मार्ट' हो रहे हैं चाहे वह हमारा फोन हो, टीवी हो या फिर रसोई में रखा फ्रिज। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपका स्मार्ट फ्रिज भी साइबर अपराधियों के निशाने पर आ सकता है?यूरोप में इन दिनों सुपरमार्केट के फ्रिज और फ्रीजर हैकरों के निशाने (Supermarket Fridge Hack) पर हैं। हैकर रातों-रात फ्रिज का तापमान 5 डिग्री से बढ़ाकर 55-80 डिग्री तक कर दे रहे हैं, जिससे लाखों यूरो का मीट, दूध और फ्रोजन फूड खराब हो रहा है। हाल ही में यूरोप से एक ऐसे मामले सामने आए हैं जिसने दुनिया भर के टेक एक्सपर्ट्स और आम लोगों को चौंका दिया है। आखिर यह पूरा मामला क्या है और स्मार्ट उपकरणों पर साइबर हमले कैसे हो रहे हैं...

हैकर रात में फ्रिज का टेंपरेचर 5°C से बढ़ाकर करीब 55°C तक कर दे रहे हैं। जिससे डिफ्रॉस्टिंग (Defrosting) सिस्टम सक्रिय हो गया और स्टोर में रखा हुआ भारी मात्रा में ताजा व फ्रोजन खाना खराब हो गया। 2 नवंबर 2026 को बेल्जियम, लक्जमबर्ग, स्वीडन, आयरलैंड, एस्टोनिया, फिनलैंड, नीदरलैंड, पुर्तगाल, इटली में एक साथ तमाम सुपरमार्केट के फ्रिज हैक हो गए।

स्मार्ट रेफ्रिजरेटर को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर साइबर अटैक

यूरोप के कई हिस्सों में हाल ही में स्मार्ट घरेलू उपकरणों खासतौर पर इंटरनेट से जुड़े स्मार्ट रेफ्रिजरेटर को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर साइबर हमले किए गए। इन हमलों के कारण हजारों-लाखों घरों और कमर्शियल यूनिट्स में रखे फ्रिज अचानक बंद हो गए या उनकी कूलिंग सेटिंग्स में छेड़छाड़ कर दी गई। तापमान अनियंत्रित होने के कारण सुपरमार्केट्स और घरों में रखा लाखों रुपये का ताजा खाना, सब्जियां और दवाइयां सड़ गईं और पूरी तरह खराब हो गईं।

स्मार्ट फ्रिज बन रहे हैं हैकरों का निशाना?

स्मार्ट फ्रिज बन रहे हैं हैकरों का निशाना?

स्मार्ट फ्रिज कैसे बन रहे हैं हैकरों का आसान निशाना?

पारंपरिक फ्रिज बिजली से चलते थे और उनका इंटरनेट से कोई लेना-देना नहीं था। लेकिन आज के 'स्मार्ट फ्रिज' वाई-फाई से कनेक्टेड होते हैं, जिनमें टचस्क्रीन, ऐप्स और रिमोट कंट्रोल की सुविधा होती है। ये डिवाइस IoT (Internet of Things) नेटवर्क पर काम करते हैं।

'हैकर' ऐसे उठाते हैं इन कमियों का फायदा

  • कमजोर पासवर्ड (Weak Passwords)- ज्यादातर लोग अपने स्मार्ट उपकरणों में डिफ़ॉल्ट या बहुत आसान पासवर्ड (जैसे '123456' या 'admin') बदलते नहीं हैं, जिसका फायदा हैकर आसानी से उठा लेते हैं।
  • सुरक्षा में सेंध (Firmware Vulnerabilities)- कई बार इन स्मार्ट उपकरणों के सॉफ्टवेयर (Firmware) में सुरक्षा से जुड़ी कमियां होती हैं, जिन्हें कंपनियां समय पर अपडेट नहीं करतीं।
  • बॉनेट अटैक (Botnet Attacks)- हैकर मैलवेयर का इस्तेमाल करके एक साथ कई स्मार्ट उपकरणों को अपने कब्जे में ले लेते हैं और उन्हें रिमोटली कंट्रोल करने लगते हैं।

इससे क्या-क्या नुकसान हो रहे हैं?

तापमान बढ़ने से मीट, डेयरी प्रोडक्ट्स और सब्जियां तुरंत खराब हो जाती हैं, जिससे भारी आर्थिक नुकसान होता है। प्राइवेसी का खतरा बेहद चिंता की बात है, इंटरनेट से जुड़े होने के कारण कई बार इन उपकरणों के जरिए घर के वाई-फाई नेटवर्क और अन्य पर्सनल डेटा तक हैकर्स की पहुंच आसान हो जाती है।

प्राइवेसी का खतरा बेहद चिंता की बात

प्राइवेसी का खतरा बेहद चिंता की बात

कई मामलों में हैकर फ्रिज या अन्य स्मार्ट अप्लायंसेज को लॉक कर देते हैं और उन्हें अनलॉक करने के लिए फिरौती (Ransom) की मांग करते हैं। हैकर्स आपके स्मार्ट फ्रिज जैसे उपकरणों को अपने नियंत्रण में लेकर एक बड़ा 'बॉनेट' नेटवर्क बना लेते हैं, जिसका इस्तेमाल बड़े साइबर हमलों (जैसे DDoS हमलों) को अंजाम देने के लिए किया जाता है।

अपने स्मार्ट उपकरणों को कैसे सुरक्षित रखें?

यदि आपके घर में भी वाई-फाई से चलने वाले स्मार्ट अप्लायंसेज हैं, तो आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए-

मजबूत पासवर्ड सेट करें- अपने स्मार्ट फ्रिज और वाई-फाई राउटर का पासवर्ड हमेशा मजबूत और यूनीक रखें।

नियमित अपडेट (Regular Updates)- समय-समय पर अपने उपकरणों के सॉफ्टवेयर और फर्मवेयर को अपडेट करते रहें।

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA)- अगर डिवाइस में यह सुविधा उपलब्ध है, तो इसे जरूर एक्टिवेट करें।

अपने घर के मुख्य कंप्यूटर या बैंकिंग नेटवर्क से स्मार्ट उपकरणों को अलग (Guest Network पर) कनेक्ट करें।

ऑटो-अपडेट फीचर्स और कड़े एन्क्रिप्शन मानक तय करने होंगे

भले ही स्मार्ट तकनीक ने हमारी जिंदगी को आसान बना दिया है, लेकिन यह साइबर सुरक्षा के नए मोर्चे भी खोल रही है। समय रहते सतर्कता बरतकर ही इन हमलों से बचा जा सकता है। केवल आम उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि तकनीक बनाने वाली कंपनियों (Manufacturers) को भी अपने स्मार्ट उपकरणों में मजबूत सिक्योरिटी प्रोटोकॉल, ऑटो-अपडेट फीचर्स और कड़े एन्क्रिप्शन मानक तय करने होंगे।

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