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Congress Bharat Jodo Yatra:राहुल गांधी और कांग्रेस के लिए 4 दिसंबर अहम दिन, इन दो पर रहेगी नजर

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Dec 2, 2022, 07:29 PM IST

Congress Bharat Jodo Yatra: राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में चार दिसंबर को झालावाड़ में प्रवेश करेगी। और वह 7 जिलों से गुजरेगी। इस दौरान राहुल गांधी 15 दिन तक राजस्थान में रहेंगे। इस दौरान सबकी नजर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट पर रहेगी।

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कांग्रेस के लिए बेहद राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को कह दिया था गद्दार
  • सचिन पायलट की सीएम की कुर्सी पर नजर
  • अगले 15 दिन राजस्थान में रहेगी कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा

Congress Bharat Jodo Yatra: राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा अपने सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में पहंचने वाली है। 4 दिसंबर को भारत जोड़ो यात्रा उस राज्य में पहुंच रही है, जहां पर पार्टी राज्य के 2 सबसे बड़े नेताओं को कलह से परेशान है। 2 साल से चल रही इस कलह का आलम यह है कि कोई किसी को गद्दार कह रहा है तो कोई उसे हटाकर सीएम कुर्सी पर बैठना चाहता है। अभी तक इस चुनौती से निपटने के लिए राहुल गांधी कोई फाइनल फैसला नहीं कर पाए हैं। जिसकी वजह से दोनों नेताओं की खींचतान खुलकर सामने आती रहती है। हालांकि डैमेज कंट्रोल के लिए राहुल गांधी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को दोनों का पार्टी का एसेट बताया है। और उसके बाद दोनों नेता, भारत जोड़ो यात्रा को देखते हुए सारे-गिले शिकवे दूर करने का दावा कर रहे हैं। लेकिन पिछले 2 साल में हुए डेवलपमेंट को देखा जाय, तो अशोक गहलोत और सचिन पायलट की एकता दिखावा ही जान पड़ती है। ऐसे में 4 दिसंबर को राजस्थान पहुंचने के बाद अगले 15 दिन कांग्रेस के साथ-साथ राहुल के लिए बेहद अहम होने वाले हैं।

7 जिलों को कवर करेगी भारत जोड़ो यात्रा

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में चार दिसंबर को झालावाड़ में प्रवेश करेगी। और वह 7 जिलों से गुजरेगी। इस दौरान राहुल गांधी 15 दिन तक राजस्थान में रहेंगे। वैसे तो राहुल की यात्रा को देखते हुए उनके करीबी सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यात्रा को राजस्थान में सफल होने की बात कही है। वहीं अशोक गहलोत ने सचिन पायलट के साथ विवाद पर 29 नवंबर को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जब राहुल गांधी ने कह दिया कि दोनों एसेट हैं, तो बात ही खत्म।

दोनों नेताओं की खींचतान का डर को किस कदर है। इसे प्रेस कांफ्रेंस में राहुल के बेहद करीबी और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल खुद वहां पर मौजूद थे और उन्हों का हकि ने कहा कि हम एक साथ हैं। यही नहीं दोनों नेताओं ने कहा है कि राजस्थान में कांग्रेस पार्टी एक है।

अशोक गहलोत ने कहा था गद्दार

हाल ही में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच तीखी बयानबाजी हुई थी। गहलोत ने सचिन पायलट पर हमला बोलते हुए कहा था कि सचिन पायलट ने गद्दारी की है, पार्टी से धोखा किया, उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बना सकते वे गद्दार हैं। इस पर सचिन पायलट ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें इस तरह के बचकाने बयान से बचना चाहिए।

2 साल से चल रहा है विवाद

अशोक गहलोत और सचिन पायलट में साल 2020 से ही विवाद चल रहा है। असल में जब 2018 में राजस्थान में कांग्रेस सरकार की वापसी हुई तो उस वक्त सचिन पायलट प्रदेश में पार्टी अध्यक्ष थे। ऐसे में उन्हें उम्मीद थी कि वह राजस्थान के मुख्यमंत्री बनेंगे। लेकिन आलाकमान ने अशोक गहलोत के अनुभव को तरजीह दी। और उसके बाद ही दोनों नेताओं में खींचतान चल रही है। अगस्त 2020 में पायलट ने बगावती तेवर दिखा दिए थे। जिसे प्रियंका गांधी की अगुआई में जैसे-तैसे संभाला गया। लेकिन अक्टूबर 2022 में कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के समय, फिर अशोक गहलोत के साथियों की बगावती तेवर के बाद फिर से भड़क गई है। ऐसे में देखना है कि भले ही दोनों नेता भारत जोड़ो यात्रा के दौरान एकजुटता दिखा रहे हैं, लेकिन जमीन पर उनके समर्थक क्या करते हैं, यही भारत जोड़ो यात्रा की सबसे बड़ी चुनौती है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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