भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अरुणाचल प्रदेश के कुछ महत्वपूर्ण इलाकों में चीनी सेना ने भारतीय जवानों को गश्त (पेट्रोलिंग) करने से रोक दिया है। राहुल गांधी का दावा है कि केंद्र सरकार इस गंभीर खबर को सार्वजनिक होने से रोकने और छिपाने का प्रयास कर रही है, जिससे देश के हितों को नुकसान पहुंच रहा है।
पीटीआई भाषा के मुताबिक 'रचनात्मक कांग्रेस' के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह पर इस मामले में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। गलवान घाटी की 2020 की घटना का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि सरकार के बयानों का फायदा उठाकर चीनी पक्ष बातचीत के दौरान अपनी बात थोपने की कोशिश करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ अपने राजनीतिक ढांचे को मजबूत करने पर है, न कि सीमा की सुरक्षा पर।
भारतीय क्षेत्र में चीन के अतिक्रमण के बढ़ते प्रयासों का हिस्सा-खुर्शीद
दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने भी अरुणाचल के तवांग क्षेत्र में भारतीय गश्त बिंदुओं तक पहुंच रोके जाने की खबरों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह भारतीय क्षेत्र में चीन के अतिक्रमण के बढ़ते प्रयासों का हिस्सा है। खुर्शीद के अनुसार, स्थानीय निवासियों ने जून माह में ही इस समस्या की ओर राज्य और केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया था।
पीएम मोदी स्थिति को करें स्पष्ट-कांग्रेस
कांग्रेस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस संवेदनशील मुद्दे पर तुरंत देश को संबोधित करना चाहिए और जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल वहां भेजा जाना चाहिए। साथ ही, आगामी बैठकों में चीनी नेतृत्व के सामने इस मुद्दे को पूरी मजबूती के साथ उठाने की सलाह दी गई है, ताकि भारत की क्षेत्रीय अखंडता और रणनीतिक स्वायत्तता सुरक्षित रहे।
