देश

पुष्पा एक्टर Allu Arjun को 14 दिन की जेल, नामपल्ली कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे 'अभिनेता'

Allu Arjun Arrest: पुष्पा फेम अभिनेता अल्लू अर्जुन को बड़ा झटका लगा है। नामपल्ली कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यानी उन्हें 14 दिन जेल में गुजारने पड़ सकते हैं। कोर्ट ने यह कार्रवाई संध्या थियेटर भगदड़ केस में की है, इस दौरान एक महिला की मौत हो गई थी।

Image

अल्लू अर्जुन को 14 दिनों की जेल।

Allu Arjun Arrest: पुष्पा फेम अभिनेता अल्लू अर्जुन को बड़ा झटका लगा है। नामपल्ली कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यानी उन्हें 14 दिन जेल में गुजारने पड़ सकते हैं। कोर्ट ने यह कार्रवाई संध्या थियेटर भगदड़ केस में की है। भगदड़ के दौरान एक महिला की मौत हो गई थी। हैदराबाद पुलिस ने इस ममाले में आज (शुक्रवार) ही अल्लू अर्जुन को गिरफ्तार किया था।

बता दें, हैदराबाद पुलिस ने महिला के परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर अल्लू अर्जुन, उनकी सुरक्षा टीम और थिएटर प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 और 118 (1) के तहत चिक्कड़पल्ली पुलिस थाने में मामला दर्ज किया है। इस मामले में अल्लू अर्जुन ने पहले हाईकोर्ट का रुख किया था। उन्होंने 11 दिसंबर को तेलंगाना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर महिला की मौत के संबंध में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया था। हालांकि, आज उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

हाईकोर्ट पहुंचे अल्लू अर्जुन

जानकारी के मुताबिक, अल्लू अर्जुन ने नामपल्ली कोर्ट के फैसले को तेलंगाना हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले में सुनवाई जारी है। इस मामले में पुलिस ने अल्लू अर्जुन से पहले तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लोगों में थिएटर के मालिकों में से एक व्यक्ति, वरिष्ठ प्रबंधक और निचली बालकनी का प्रभारी शामिल है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, पुष्पा-2 की स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म और फिल्म के मुख्य कलाकारों को देखने के लिए संध्या थिएटर में भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। हालांकि, थिएटर प्रबंधन या कलाकारों की टीम की ओर से इस बात की कोई सूचना नहीं दी गई थी कि वे थिएटर में आएंगे। पुलिस की एक विज्ञप्ति में कहा गया था, थिएटर प्रबंधन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा के संबंध में कोई अतिरिक्त प्रावधान नहीं किया था और न ही अभिनेताओं की टीम के लिए कोई अलग प्रवेश या निकास की व्यवस्था थी, हालांकि थिएटर प्रबंधन को उनके आने की सूचना थी। अल्लू अर्जुन चार दिसंबर की रात करीब साढ़े नौ बजे अपने निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ थिएटर में आए और वहां एकत्र लोगों ने उनके साथ थिएटर में प्रवेश करने की कोशिश की। उनकी (अल्लू अर्जुन) निजी सुरक्षा टीम ने लोगों को धक्का देना शुरू कर दिया जिससे स्थिति और बिगड़ गई, क्योंकि थिएटर में पहले से ही भारी भीड़ जमा थी। मौके का फायदा उठाते हुए अभिनेता और उनकी सुरक्षा टीम के साथ बड़ी संख्या में लोग निचली बालकनी वाले क्षेत्र में घुस गए। इससे रेवती और उसके बेटे को भारी भीड़ के कारण घुटन महसूस हुई, जिन्हें ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल निचली बालकनी से बाहर निकाला और महिला के बेटे को सीपीआर दिया तथा तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने बताया कि महिला की मौत हो चुकी है। लड़के का वर्तमान में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज जारी है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article