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केंद्रीय बजट ने पंजाब को फिर निराश किया; CM मान ने कहा- MSP की कोई गारंटी नहीं, युवाओं को रोजगार नहीं

Bhagwant Mann News: सीएम मान ने कहा कि पंजाबी मेहनती और जज्बे वाले हैं और केंद्र की बार-बार अनदेखी के बावजूद आप सरकार और पंजाब के लोग एकजुट होकर अपने दम पर पंजाब को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगे।

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केंद्रीय बजट ने पंजाब को फिर निराश किया: CM मान

Punjab CM on Budget: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि केंद्रीय बजट एक बार फिर पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों के लिए एमएसपी की कोई गारंटी नहीं है, युवाओं के लिए रोजगार का कोई भरोसा नहीं है और उद्योगों या टैक्स प्रणाली को कोई राहत नहीं दी गई है। केंद्र ने पंजाब की आर्थिकता को मजबूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं, जिससे राज्य और यहां के लोगों के साथ एक बार फिर नाइंसाफी हुई है।

सीएम मान ने कहा कि पंजाबी मेहनती और जज्बे वाले हैं और केंद्र की बार-बार अनदेखी के बावजूद आप सरकार और पंजाब के लोग एकजुट होकर अपने दम पर पंजाब को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगे।

पंजाब और हरियाणा के किसानों को फिर दिया धोखा: वित्त मंत्री चीमा

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर पंजाब और हरियाणा के किसानों की जायज चिंताओं को नजरअंदाज किया है, जिससे किसान-हितैषी होने के उसके खोखले दावों की पोल खुल गई है। चीमा ने बताया कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है और न ही मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कोई ठोस मदद की गई है, जिससे कृषि प्रधान राज्यों को अपने भरोसे छोड़ दिया गया है।

उन्होंने कहा कि पंजाब का किसान देश का पेट भरता है, फिर भी केंद्र सरकार उन प्रणालियों में निवेश को लेकर उपेक्षा कर रही है, जो खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं। वित्त मंत्री ने अधिक कीमत वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए अपनाए गए चयनात्मक पहुंच की भी आलोचना की। जबकि बजट में नारियल, काजू, चंदन और सूखे मेवे जैसी फसलों का ज़िक्र है, लेकिन उत्तर भारत के किसानों के लिए कुछ नहीं है जो अपने खेतीबाड़ी के मौसम के हिसाब से फसलों पर निर्भर करता हैं।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बजट स्पष्ट तौर पर केंद्र के भेदभाव और अनाज पैदा करने वाले राज्यों, खासकर पंजाब के किसानों के प्रति उसकी लगातार उदासीनता को दिखाता है। ये किसान सम्मान, सहयोग और सही उचित निवेश के हकदार हैं, खोखले नारों के नहीं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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