Pune Municipal Election Results 2026: पुणे नगर निगम (PMC) चुनाव 2026 के शुरुआती रुझानों में बीजेपी की आंधी देखने को मिल रही है। हालांकि, पवार परिवार यानी NCP काफी पिछड़ता हुआ नजर आ रहा है। बता दें कि 2022 के चुनावों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने 81 सीटें जीतकर सबसे अधिक सीटें हासिल की थीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) 77 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी। शिवसेना ने 15 सीटें जीती थीं और कांग्रेस को 10 सीटें मिली थीं।
खबर लिखे जाने तक बीजेपी 52 वार्डों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं शरद पवार और अजित पवार का गठबंधन सिर्फ 7 वार्डों पर आगे है। 165 वार्ड में से बीजेपी ने पहले ही 2 वार्ड निर्विरोध जीत चुकी है। इसके अलावा, कांग्रेस 5 सीटों पर आगे है। गौरतलब है कि इस बार शरद पवार और अजित पवार की शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा।
पुणे नगर निकाय चुनाव में 41 वार्डों में कुल 1,165 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। सभी 165 सीटों पर चुनाव लड़ा गया। महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, पुणे में 54 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछले चुनावों की तुलना में कम है। पड़ोसी पिंपरी चिंचवड नगर निगम (पीसीएमसी) में लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ, जो 2017 के 65.3 प्रतिशत से कम है।
चाचा-भतीजा ने मिलकर लड़ा चुनाव
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और उनके चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (शरद पवार गुट) ने शनिवार को पुणे महानगर पालिका चुनाव के लिए संयुक्त घोषणापत्र जारी किया। इस पहल के साथ ही राज्य की सियासत में एक अहम संकेत देखने को मिला।
सत्तारूढ़ महायुति का हिस्सा राकांपा (अजित पवार गुट) और विपक्षी महा विकास आघाड़ी की घटक राकांपा (शरद पवार गुट) ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनावों के लिए साथ आने का फैसला किया है। यह कदम 2023 में पार्टी के विभाजन के बाद दोनों गुटों के बीच बढ़ती राजनीतिक नजदीकियों की ओर इशारा करता है।
संयुक्त घोषणापत्र जारी करने के मौके पर अजित पवार और उनकी चचेरी बहन तथा राकांपा (शप) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने एक साथ मंच साझा किया। दोनों नेताओं की यह साझा मौजूदगी न सिर्फ पुणे की स्थानीय राजनीति, बल्कि राज्य स्तर की सियासत में भी नए समीकरणों की चर्चा को हवा दे रही है।
