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'मैं सिर्फ एक बाप हूं, जो इंसाफ मांग रहा है...': केतन हत्याकांड में पीड़ित पिता ने राष्ट्रपति को लिखा भावुक पत्र, की ये मांग

Father Vishal Agarwal Letter President: केतन अग्रवाल हत्याकांड में न्याय की गुहार। पीड़ित पिता ने राष्ट्रपति मुर्मू को लिखा भावुक पत्र। 20 दिनों में बेटे और पिता दोनों को खोने का दर्द बयां कर फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग की।

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'मैं सिर्फ एक बाप हूं, जो इंसाफ मांग रहा है...': केतन हत्याकांड में पीड़ित पिता ने राष्ट्रपति को लिखा भावुक पत्र, की ये मांग

Ketan Agarwal Murder Case: देश को झकझोर देने वाले केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब न्याय की लड़ाई देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच गई है। केतन के परेशान पिता विशाल अग्रवाल ने भारत की राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मू को एक अत्यंत भावुक और मार्मिक ई-मेल भेजा है। इस पत्र में उन्होंने किसी रसूखदार व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि अपना सब कुछ खो चुके एक बेबस पिता के रूप में राष्ट्रपति से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।

विशाल अग्रवाल ने राष्ट्रपति से मांग की है कि उनके बेटे के जघन्य हत्याकांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) में कराई जाए ताकि दोषियों को जल्द से जल्द उनके कर्मों की सजा मिल सके और न्याय में हो रही देरी पीड़ित परिवार के जख्मों को और न कुरेदे।

'20 दिनों के भीतर अर्थी और जनाजा दोनों देख लिया'

विशाल अग्रवाल ने अपने पत्र में उस खौफनाक त्रासदी का जिक्र किया है जिसने उनके हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। उन्होंने लिखा कि केतन की बेरहमी से हत्या किए जाने के बाद से उनका परिवार हर सुबह उसी असहनीय दर्द के साथ उठता है और हर रात आंखों में सिर्फ एक ही सवाल होता है कि आखिर इंसाफ कब मिलेगा?

पत्र का सबसे हृदयविदारक हिस्सा वह है जहां उन्होंने अपने पिता (केतन के दादा) की मौत का जिक्र किया, 'मेरे पिता अपने पोते केतन से बेपनाह मोहब्बत करते थे। केतन की बेरहमी से हत्या का सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर सके। लगातार मानसिक आघात और गहरे दुख के कारण उनका ब्लड प्रेशर गिरता चला गया और आखिरकार उनके दिल ने धड़कना बंद कर दिया। केतन की मौत के महज 20 दिनों के भीतर मेरे पिता भी हमें छोड़कर चले गए। मैंने सिर्फ 20 दिनों के अंदर अपने जवान बेटे और अपने बुजुर्ग पिता दोनों को खो दिया। हमारा पूरा परिवार बिखर चुका है।'

'न वीआईपी ट्रीटमेंट चाहिए, न रियायत... हमें सिर्फ इंसाफ चाहिए'

विशाल अग्रवाल ने राष्ट्रपति के सामने यह स्पष्ट किया कि उनका परिवार कानून से ऊपर उठकर किसी भी प्रकार की विशेष सुविधा, रियायत या वीआईपी व्यवहार की मांग नहीं कर रहा है। उनकी मांगें बेहद बुनियादी और न्यायसंगत हैं:

फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो सुनवाई: सामान्य अदालती प्रक्रिया में लगने वाले लंबे समय के कारण पीड़ित परिवार की मानसिक प्रताड़ना हर दिन बढ़ती है, इसलिए केस की रोजाना सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो।

कानूनी दांवपेंच का फायदा न उठाएं दोषी: केतन अब इस दुनिया में कभी वापस नहीं आ सकता, लेकिन समाज और अपराधियों में यह कड़ा संदेश जाना बेहद जरूरी है कि कोई भी जघन्य अपराध करके कानून की सुस्त प्रक्रिया या ढिलाई का फायदा उठाकर बच नहीं सकता।

समाज के लिए नजीर बने सजा: दोषियों को कानून के तहत मिलने वाली सबसे सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि देश में यह संदेश जाए कि किसी मासूम और निर्दोष की जान की कीमत होती है।

'यह मामला सिर्फ एक सरकारी फाइल बनकर न रह जाए'

राष्ट्रपति से हाथ जोड़कर भावुक अपील करते हुए विशाल अग्रवाल ने लिखा कि उनका परिवार पहले ही अपना सब कुछ लुटा चुका है और अब उनके जीवित रहने की एकमात्र वजह सिर्फ केतन को न्याय दिलाना है।

उन्होंने पत्र के अंत में बेहद मार्मिक शब्दों में लिखा, 'महामहिम, मेरा आपसे सविनय अनुरोध है कि इस मामले को केवल एक और आम 'सरकारी फाइल' बनकर धूल फांकने के लिए न छोड़ दिया जाए। इस केस की फाइल के पीछे एक ऐसा बदनसीब परिवार खड़ा है जिसका वजूद ही खत्म हो चुका है। दोषियों को कड़ी सजा मिलने से शायद हमारे मरे हुए दिल को थोड़ी मानसिक शांति मिल सके।'

आगे क्या?

पीड़ित पिता के इस भावुक और सीधे पत्र के बाद अब देखना यह है कि राष्ट्रपति भवन इस पर क्या संज्ञान लेता है। केतन अग्रवाल के न्याय के लिए सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक लोग लगातार आवाज उठा रहे हैं और इस पत्र ने देश के गृह मंत्रालय और न्याय प्रणाली पर भी मामले को त्वरित गति से निपटाने का नैतिक दबाव बढ़ा दिया है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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