ISRO 101th Launch: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष वी. नारायणन (
EOD मिशन कब होगा लॉन्च
पीएसएलवी-सी61 का प्रक्षेपण 18 मई को प्रातः 5.59 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया जाएगा। इसे आप इसरो के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर देख सकेंगे। शुक्रवार की सुबह अतिविशिष्ट श्रेणी के लोगों (VIP) के लिए दर्शन के दौरान नारायणन ने अनुष्ठान में भाग लिया और भगवान वेंकटेश्वर के चरणों में पीएसएलवी-सी61 का एक लघु मॉडल रखा।
इसरो प्रमुख ने मिशन की सफलता और सुरक्षा के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगा। विद्वानों ने रंगनायकुला मंडपम में नारायणन को आशीर्वाद दिया, जबकि मंदिर के अधिकारियों ने तीर्थ प्रसादम (पवित्र जल) भेंट किया और उन्हें रेशमी शॉल देकर सम्मानित किया।
क्या कुछ बोले इसरो प्रमुख?
नारायणन ने संवाददाताओं से कहा कि पीएसएलवी-सी61 के साथ यह 101वां मिशन इसरो के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा, जो भारत की सभी मौसमों में पृथ्वी प्रेक्षण क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा और अंतरिक्ष आधारित समाधानों के प्रति देश की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।
63वीं उड़ान पर निकलेगा PSLV-C61
यह मिशन पृथ्वी प्रेक्षण उपग्रह को सूर्य-समकालिक ध्रुवीय कक्षा (SSPO) में स्थापित करेगा, जो एक विशिष्ट प्रकार की ध्रुवीय कक्षा है जहां उपग्रह सूर्य के साथ निरंतर संरेखण बनाए रखता है। पीएसएलवी-सी61 ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान की 63वीं उड़ान है और पीएसएलवी-एक्सएल संस्करण का इस्तेमाल करते हुए 27वीं उड़ान है।
क्या कुछ है खास?
इसरो की वेबसाइट के अनुसार, यह मिशन पेलोड और कक्षाओं की एक विस्तृत श्रृंखला में विश्वसनीय प्रदर्शन देने के पीएसएलवी के रिकॉर्ड को जारी रखता है। ईओएस-09 को विभिन्न क्षेत्रों में परिचालन अनुप्रयोगों की एक श्रृंखला के लिए सुसंगत और विश्वसनीय सुदूर संवेदी आंकड़ा प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।
