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Satya Niketan Building Collapse: मकान मालिक दंपति और बेटे के बाद चौथी गिरफ्तारी, कासगंज से पकड़ा गया मरम्मत कराने वाला ठेकेदार

Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने मरम्मत कार्य करा रहे ठेकेदार को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया है। हादसे में सात लोगों की मौत और पांच अन्य के घायल होने के बाद पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। वहीं, दिल्ली हाई कोर्ट के हाई लेवल जांच के आदेश के बीच एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों और अभियंताओं पर भी कार्रवाई की गई है।

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7 मौतों के बाद पुलिस ने कासगंज से ठेकेदार को दबोचा

Photo : PTI

Satya Niketan Building Collapse: दक्षिण पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत में मरम्मत कार्य कराने वाले ठेकेदार को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के पास स्थित यह पीजी भवन रविवार दोपहर ढह गया था जिससे सात लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य जख्मी हो गए। पुलिस के मुताबिक, पिछले 8-10 दिनों से बारिश के कारण इमारत के भूमिगत तल में कचरा जमा हो रहा था, इसलिए उसकी सफाई और मरम्मत का काम किया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि भूतल पर व्यावसायिक उपयोग के लिए जगह बढ़ाने का काम किया जा रहा था। पुलिस यह काम करा रहे ठेकेदार की तलाश में थी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ठेकेदार सनोज को कासगंज में पकड़ लिया गया है और उसे दिल्ली लाया जा रहा है।

अब तक किसकी हुई गिरफ्तारी?

इस मामले में पुलिस इमारत की मालकिन 75 वर्षीय उर्मिला गुप्ता, वायु सेना से सेवानिवृत्त 81 साल के उनके पति हरिराम गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता (52) को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान, महेश ने कहा कि वह अपने माता-पिता की ओर से इमारत के रखरखाव का प्रबंधन करता था और परिवार ने अगस्त, 2025 में पीजी संचालक ’हॉस्टल डेज’ को यह इमारत पट्टे पर दी थी।

अधिकारी ने बताया कि रविवार को गुप्ता परिवार को स्थानीय लोगों से इमारत ढहने के बारे में पता चला और इसके बाद वे अपना घर छोड़कर राजस्थान के भिवाड़ी में अपने रिश्तेदार के यहां छुप गए थे।

एमसीडी के दक्षिण जोन के अधिकारी सस्पेंड

इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार रात को गुप्ता दंपति को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं, उनके बेटे को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। इमारत ढहने की घटना के बाद नगर निकाय अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई, जिसके तहत एमसीडी के दक्षिण जोन के उपायुक्त राकेश कुमार और चार अभियंताओं- अधीक्षण अभियंता रणबीर सिंह, अधिशासी अभियंता ललित कुमार गोयल, सहायक अभियंता सुनील चौहान और कनिष्ठ अभियंता आशीष कुमार को निलंबित कर दिया गया। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को हाई लेवल जांच के आदेश देते हुए कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। हाई कोर्ट ने इस घटना को "अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण" करार दिया।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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