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अंबानी की शादी में शामिल हुई थीं प्रियंका गांधी या नहीं? लोकसभा में भाजपा-कांग्रेस में छिड़ गई बहस

Priyanka Gandhi: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को निचले सदन में वित्त विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के अंबानी परिवार की शादी समारोह में शामिल होने का दावा किया था। अब केसी वेणुगोपाल ने दावा किया कि भाजपा सांसद सदन में झूठ बोलते हैं, प्रियंका गांधी इस शादी में शामिल नहीं हुई थीं।

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प्रियंका गांधी।

Photo : BCCL

Priyanka Gandhi: मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी की शादी को लेकर संसद में बहस छिड़ गई है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया है कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी अंबानी की शादी में शामिल हुईं थीं। अब कांग्रेस ने इस पर पलटवार किया है। कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में यह झूठा दावा किया है कि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा उद्योगपति मुकेश अंबानी के पुत्र अनंत अंबानी की शादी में शामिल हुईं थीं।

कांग्रेस ने कहा है कि निशिकांत दुबे को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। दरअसल, भाजपा सांसद ने मंगलवार को निचले सदन में वित्त विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस महासचिव के अंबानी परिवार की शादी समारोह में शामिल होने का दावा किया था। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सदन में यह मुद्दा उठाया और दावा किया कि भाजपा सांसद सदन में झूठ बोलते हैं और उन्हें ऐसा करने की अनुमति भी मिल जाती है। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख उद्योगपति के परिवार के वैवाहिक समारोह में कांग्रेस महासचिव शामिल नहीं हुई थीं।

सुप्रिया श्रीनेत ने भी बोला हमला

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एक्स पर पोस्ट किया कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को झूठ बोलने की लत है। आज उन्होंने लोकसभा में कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जी अंबानी परिवार के विवाह समारोह में शामिल हुई थीं। ये सरासर झूठ है। उन्होंने कहा, निशिकांत दुबे जी, झूठ बोलने की ये बुरी आदत छोड़ दीजिए और कान पकड़कर माफी मांगिए।

विदेश में थीं प्रियंका गांधी

वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि प्रियंका गांधी शादी में शामिल नहीं हुई थीं और वह उस समय विदेश में थीं। लोकसभा में वित्त विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सुप्रिया सुले ने कहा कि एक महिला जो इस सदन की सदस्य नहीं हैं, उनके बारे में किसी को (यहां) बात नहीं करनी चाहिए। सुले ने यह भी कहा, अगर कोई शादी में शामिल हुआ तो इसमें कोई चोरी नहीं है। जिस शादी में प्रधानमंत्री जा सकते हैं तो उसमें किसी के जाने में क्या दिक्कत है। उन्होंने कहा, लेकिन झूठा विमर्श नहीं गढ़ें। भाजपा के साथ समस्या है कि वे झूठा विमर्श गढ़ते हैं और लोगों की छवि खराब करते हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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