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भूटान यात्रा से लौटे पीएम मोदी, सबसे पहले दिल्ली धमाके में घायल हुए लोगों से मिलने अस्पताल पहुंचे, पीड़ितों का लिया हालचाल

पीएम मोदी ने बुधवार को भूटान में आयोजित वैश्विक शांति प्रार्थना उत्सव में नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और पूर्व नरेश जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के साथ ‘कालचक्र एम्पॉवरमेंट’ समारोह का उद्घाटन किया। इसके साथ ही आज उनका भूटान दौरा भी संपन्न हुआ। नई दिल्ली लौटते ही पीएम मोदी सबसे पहले दिल्ली धमाके में घायल हुए लोगों से मिलने एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे।

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घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे पीएम मोदी (ANI)

PM Modi Returns To Delhi: प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को भूटान की अपनी दो दिवसीय राजकीय यात्रा समाप्त कर नई दिल्ली लौट आए। नई दिल्ली पहुंचते ही पीएम मोदी सबसे पहले दिल्ली धमाके में घायल हुए लोगों से मिलने एलनजेपी अस्पताल पहुंचे। यहां पीएम ने घायलों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल लिया। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हुई है और करीब 20 लोग घायल हुए हैं।

घायलों का हालचाल लिया

भूटान से उतरते ही प्रधानमंत्री मोदी सीधे एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे और दिल्ली में हुए विस्फोट में घायल हुए लोगों से मिले। उन्होंने घायलों से मुलाकात की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। अस्पताल के अधिकारियों और डॉक्टरों ने भी उन्हें स्थिति की जानकारी दी। पीएम मोदी ने भूटान में अपने भाषण के दौरान दिल्ली ब्लास्ट के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

लाल किला विस्फोट के पलों को रिकॉर्ड करने वाला सीसीटीवी फुटेज

दिल्ली में लाल किले के पास हुए शक्तिशाली विस्फोट के पलों को रिकॉर्ड करने वाला एक सीसीटीवी फुटेज बुधवार को सामने आया। यह दृश्य लाल किले के चौराहे पर लगाए गए एक निगरानी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ था, उसमें विस्फोट से पहले सड़क पर भारी यातायात की आवाजाही दिखाई देती है और फिर अचानक एक भीषण विस्फोट होता है। सोमवार शाम करीब छह बजकर 50 मिनट पर हुआ यह विस्फोट एक लाल गुब्बारे के फटने जैसा दिखायी दिया, जिसके तुरंत बाद अफरातफरी और दहशत फैल गयी तथा लोग छिपने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस सीसीटीवी फुटेज ने धमाके के समय की पुष्टि की है जिसके बारे में पहले ही जांचकर्ताओं ने बताया था। माना जा रहा है कि गाड़ी को डॉ. उमर नबी चला रहा था जो हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर था।

डॉ. मुजम्मिल ने लालकिला क्षेत्र की कई बार टोह ली थी

हाल ही में सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल के संबंध में गिरफ्तार किए गए डॉ. मुजम्मिल गनई के मोबाइल फोन के डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि उसने इस साल जनवरी में लाल किला क्षेत्र की कई बार टोह ली थी। पुलिस ने बताया कि उन्हें संदेह है कि ये रेकी 26 जनवरी को ऐतिहासिक स्मारक को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा थीं, जो उस समय क्षेत्र में गहन गश्त के कारण विफल हो गई होगी। पुलिस द्वारा जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने और तीन चिकित्सकों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार करने के कुछ ही घंटों बाद दिल्ली के लाल किला क्षेत्र के पास एक धीमी गति से चलती कार में उच्च तीव्रता वाला विस्फोट हुआ, जिसमें 12 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।

पुलिस ने जम्मू कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैले आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर लगभग 2,500 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम क्लोरेट और सल्फर जब्त किया। विस्फोट स्थल से करीब 40 नमूने एकत्र करने वाली फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के अनुसार, प्रारंभिक विश्लेषण से पता चलता है कि विस्फोटकों में से एक नमूना अमोनियम नाइट्रेट लगता है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि डॉ. मुजम्मिल के मोबाइल फोन से प्राप्त ‘डंप डेटा’ के विश्लेषण से पता चला है कि जनवरी के पहले सप्ताह में लाल किला क्षेत्र में और उसके आसपास उसकी बार-बार उपस्थिति थी।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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