External affairs minister S Jaishankar: विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि विकासशील देशों में इस बात को लेकर बहुत गहरी चिंता है कि उनकी ऊर्जा जरूरतों को कैसे पूरा किया जाए और दबाव में ऊर्जा बाजारों में नरमी आनी चाहिए। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने, विशेष रूप से वांछित आतंकवादियों की सूची बनाने में अमेरिका से भारत को मिले मजबूत सहयोग की सराहना की।
भारत और अमेरिका के विदेश मंत्रियों की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि आज की बैठक में हमने अपने राजनीतिक समन्वय, महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मुद्दों और वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग पर आकलन का आदान-प्रदान करने पर चर्चा की। साथ ही कहा कि मैं अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने के लिए अमेरिका द्वारा दिए गए मजबूत सहयोग की सराहना करता हूं। विदेश मंत्री ने कहा कि हमें अवश्य ही कट्टरपंथ, चरमपंथ और रूढ़िवाद का मुकाबला करना होगा। अधिक भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा देने में भारत, अमेरिका का हित है। ऊर्जा जरूरतों का समाधान करने के लिए विकासशील देशों के बीच बहुत गहरी चिंता है।
तेल की कीमत हमारी कमर तोड़ रही है- एस जयशंकर
वहीं यूक्रेन संघर्ष (Ukraine Conflict) पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि ये विवाद किसी के हित में नहीं है। आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका बातचीत है। साथ ही कहा कि हम तेल की कीमत को लेकर चिंतित हैं। तेल की कीमत (Oil Price) हमारी कमर तोड़ रही है। ये हमारे लिए बड़ी चिंता है। हम 2,000 डॉलर प्रति व्यक्ति वाली अर्थव्यवस्था हैं। तेल की कीमत के कारण हम कड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी दुनिया में सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण है। लोगों के सामने आने वाली हर वैश्विक चुनौती का समाधान करना महत्वपूर्ण है। साथ ही कहा कि आज की बैठक और पिछली रात की रात्रिभोज में हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने और साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के तरीकों के बारे में बात की।
