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आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर ने बिहार में बनाई 'युवा सत्याग्रह समिति', कहा- युवा लाठी से डरने वाले नहीं

BPSC: BPSC की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कराने की मांग को लेकर पटना के गांधी मैदान में आमरण अनशन पर बैठे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को कहा कि बिहार में एक नया संगठन युवा सत्याग्रह समिति बनी है। उन्होंने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इसमें सभी पार्टी और विचारधारा के छात्र हैं।

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युवा लाठी से डरने वाले नहीं- प्रशांत किशोर

Photo : ANI

Prashant Kishore: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कराने की मांग को लेकर पटना के गांधी मैदान में आमरण अनशन पर बैठे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को कहा कि बिहार में एक नया संगठन युवा सत्याग्रह समिति बनी है। उन्होंने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इसमें सभी पार्टी और विचारधारा के छात्र हैं। पटना के गांधी मैदान में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह समिति 51 सदस्यीय है, जो सिर्फ बीपीएससी ही नहीं बल्कि बिहार में छात्रों की हर समस्या की लड़ाई लड़ेगी।

युवा सत्याग्रह समिति में होंगे 51 सदस्य

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि ये अब सिर्फ जन सुराज का आंदोलन नहीं रहा। उन्होंने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव को भी न्योता देते हुए कहा कि वे आएं और इस आंदोलन का नेतृत्व करें, प्रशांत किशोर उनके पीछे चलने को तैयार है। उन्होंने भाजपा के लोगों से भी इसका नेतृत्व करने की अपील करते हुए कहा कि उससे हमको कोई एतराज नहीं है। उन्होंने कहा कि अब यह किसी पार्टी राजद, जदयू, भाजपा, प्रशांत किशोर का अभियान नहीं है। यह सिर्फ छात्रों का अभियान है। इस पूरे समिति में 51 सदस्य होंगे। ऐसे में अगर आप प्रशांत किशोर को गिरफ्तार भी कर लीजिएगा तो भी यह 51 साथी यहां पर डटे रहेंगे और अनशन जारी रहेगा।

युवा किसी से डरेंगे नहीं- प्रशांत किशोर

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि ये युवा अब लाठी से डरने वाले नहीं हैं। सरकार अगर अड़ी हुई है तो युवा भी अड़े हुए हैं कि हम आपको मनाए बगैर मानेंगे नहीं। बिहार के युवाओं ने तय कर लिया है कि बिहार के हर लोगों के हक की आवाज बनकर लड़ेंगे, किसी से डरेंगे नहीं। प्रशांत किशोर ने आह्वान किया कि बिहार में अब तक जितने भी प्रदर्शन में शामिल लोगों पर लाठियां चली हैं और जिन लोगों ने लाठी खाई है, रोकर घर चले गए हैं, आइए, वापस आइए। इस गांधी मैदान में युवाओं के साथ खड़े हों। यह समय आ गया है अपने हक की आवाज एक जुट होकर बुलंद करने का। राजद नेता तेजस्वी यादव से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि जब तक वह आदमी युवाओं की बात कर रहा है, वह हमें कितना भी गाली दे, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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