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Odisha Train Accident: 'डिसऑर्डर' के शिकार हो रहे घायल, कोई नींद से जाग रहा... तो कोई रो रहा तो कोई चिल्ला रहा..., 'गहरे जख्म' दे गया हादसा

  • Authored by: रवि वैश्य
  • Updated Jun 11, 2023, 09:58 AM IST

Odisha Train Accident Survivors: ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रिपल ट्रेन एक्सीडेंट के बाद हादसे में बचे कई लोग शारीरिक चोटों से उबर रहे हैं मगर उनमें पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर सामने आ रहा है।

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ओडिशा ट्रेन हादसे के घायलों में पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर सामने आ रहा है

Balasore Train Accident Post Traumatic Sress Disorder: बालासोर रेल हादसे में बचे कई लोग शारीरिक चोटों से उबर रहे हैं, लेकिन कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती 105 मरीजों में से करीब 40 में 'पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर' (PTSD) की प्रवृत्ति दिख रही है डॉक्टर्स ने यह जानकारी दी, ध्यान रहे कि पीटीएसडी, किसी भयानक घटना का अनुभव करने या उससे गुजरने के बाद सामान्य हो पाने की विफलता वाला विकार है।

नैदानिक मनोविज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ जसबंत महापात्रा ने कहा कि ट्रेन हादसे में बचे लोगों की मानसिक स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अस्पताल ने सभी मरीजों की 'काउंसलिंग' शुरू कर दी है। डॉ. महापात्रा ने कहा कि जीवित बचे लोगों के दिमाग पर इस तरह की दुर्घटना का गंभीर प्रभाव पड़ना स्वाभाविक था।

'कई घायल व्यक्ति भयभीत और कभी-कभी घबराए हुए देखे गए'

उन्होंने कहा, 'कई घायल व्यक्ति गंभीर रूप से तनावग्रस्त, भयभीत और कभी-कभी घबराए हुए देखे गए। हम उनकी काउंसलिंग कर रहे हैं और उनके परिवार के सदस्यों के साथ उनसे बात कर रहे हैं।'

काउंसलिंग के लिए टीम का गठन किया है

डॉ. महापात्रा ने कहा कि अस्पताल ने बचे लोगों की काउंसलिंग के लिए चार टीम का गठन किया है। उन्होंने कहा, 'प्रत्येक टीम में एक मनोचिकित्सक, एक मनोवैज्ञानिक, एक सामाजिक कार्यकर्ता और रोगी के परिवार के एक या दो सदस्य शामिल हैं।'

लोग दुर्घटना से जुड़ा सपना देखकर कई बार अचानक नींद से जाग जाते हैं

सर्जरी विभाग की एक नर्स ने बताया कि रेल हादसे के शिकार लोग दुर्घटना से जुड़ा सपना देखकर कई बार अचानक नींद से जाग जाते हैं। उन्होंने बताया कि 23 वर्षीय एक युवक, जिसके दोनों हाथ और पैर दुर्घटना में टूट गए हैं, दिन-रात सो नहीं पाता है।एक डॉक्टर ने बताया कि हादसे में अपने करीबी मित्र को खोने वाला एक युवक अपने मित्र का नाम पुकारते हुए अचानक नींद से जाग जाता है।

रवि वैश्य
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रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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