Poonch Pakistan shelling: जम्मू और कश्मीर में पिछले साल भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी गोलाबारी में मारे गए नागरिकों को श्रद्धांजलि दी गई। पुंछ में गुरुद्वारा सिंह सभा में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जहां जान गंवाने वालों लोगों के लिए सभी एकजुट हुए और प्रार्थना की। दरअसल, 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इसके बाद पाकिस्तान जब हारने लगा तो उसने बॉर्डर पर मासूम नागरिकों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें भारत साइड के गांव में रहने वाले कई लोगों की जान चली गई।
वहीं, पुंछ में एक स्थानीय निवासी निशाल शर्मा कहते हैं, '...पहलगाम में बेकसूर सैलानियों पर हमला किया गया... मैं हमारी सेना और सरकार का शुक्रगुजार हूं। पहले के विपरीत, यह एक 'नया भारत' है। हमारी सेना ने सीमा पार करके पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। हां, हमने कुछ बहादुर जवानों को खोया, और पुंछ में भी गोलाबारी हुई, जहां बच्चे और आम नागरिक शहीद हुए। 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान सेना द्वारा दिखाए गए साहस और दृढ़ संकल्प को मैं सलाम करता हूं...'
सीमावर्ती गांवों से कुछ वीडियो सामने आए, जहां स्थानीय निवासी 'ऑपरेशन सिंदूर' का एक वर्ष पूरा होने पर भारतीय सशस्त्र बलों का अभिनंदन कर रहे हैं।
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल सिन्हा ने सशस्त्र बलों को नमन किया
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर इस संकल्प की घोषणा है कि भारत की बहादुर सशस्त्र सेनाएं हर कीमत पर देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करेंगी। उपराज्यपाल ने ऑपरेशन सिंदूर के एक वर्ष पूरे होने पर सशस्त्र बलों को नमन किया। यह अभियान पिछले वर्ष अप्रैल में पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए शुरू किया गया था।
इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने जवाबी हमले किए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया। हालांकि, भारतीय सेना ने अधिकांश हमलों को विफल कर दिया। दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच हॉटलाइन पर हुई बातचीत के बाद 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी और इसके साथ ही संघर्ष समाप्त हो गया।
