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Mumbai: कांग्रेस दफ्तर में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने की तोड़फोड़, तो पुलिस ने इन धाराओं के तहत दर्ज की FIR

Mumbai Congress Office Vandalism Case: भाजपा युवा शाखा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ की। जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए FIR दर्ज कर लिया है। मुंबई कांग्रेस दफ्तर में तोड़फोड़ करने वाले बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया। आपको बताते हैं कि किन-किन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया।

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बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज।

FIR against BJP Yuva Morcha workers: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को मुंबई में कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ की और दावा किया कि महाराष्ट्र में विपक्षी दल ने हमेशा डॉ. बाबासाहब आंबेडकर का अपमान किया है। पुलिस ने बताया कि भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में कांग्रेस कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की, फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया और पोस्टर फाड़ दिए। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज

मुंबई कांग्रेस दफ्तर में तोड़फोड़ करने वाले बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया। आजाद मैदान पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 74, 118(1), 189 (1)(सी), (2), (3), 190, 191(2), 192, 324(3), 333, के तहत मामला दर्ज किया गया है। बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजिंदर सिंह तिवाना और उनके साथ मौजूद 30-40 बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन बीजेपी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं के पोस्टर पर फेंकी स्याही

पुलिस के मुताबिक, कार्यकर्ताओं ने कुछ कांग्रेस नेताओं के पोस्टर पर स्याही भी फेंकी। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने पार्टी के कार्यालय में घुसते हुए कांग्रेस के खिलाफ नारे लगाए। पुलिस ने भाजयुमो के कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें आजाद मैदान थाने ले गई, जहां उनकी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से झड़प हुई। कांग्रेस नेताओं द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर राज्यसभा में भाषण के दौरान डॉ. बाबासाहब आंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाये जाने के बाद भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने यह विरोध प्रदर्शन किया।

वर्षा गायकवाड़ ने इस घटना के लिए भाजपा को कोसा

मुंबई से कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने इस घटना के लिए भाजपा की आलोचना की। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भाजपा और संघ परिवार ने बाबासाहेब का नाम सुनते ही हमेशा यही किया है, हमला और बर्बरता। देखिए, भाजपा के गुंडे किस हद तक गिर गए हैं ताकि अमित शाह को बचाया जा सके और महामानव, भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के खिलाफ उनके द्वारा दिए गए अपमानजनक बयान से ध्यान भटकाया जा सके।” उन्होंने कहा, “भाजपा के करीब 50 कार्यकर्ता हमारे पार्टी कार्यालय में आए, कुर्सियां फेंकीं, पोस्टर फाड़े और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। हमारे बब्बर शेर कार्यकर्ताओं ने उनके हमलों का विरोध किया। हम इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।”

गायकवाड़ ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ सबसे कठोर धाराओं के तहत तुरंत सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र जैसे प्रगतिशील राज्य में इस तरह की राजनीतिक मर्यादा है? शर्म की बात है।”

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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