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मुंबई में 13 तो दिल्ली में 3 अवैध बांग्लादेशियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, अवैध दस्तावेजों के कारण लगे पुलिस के हत्थे

अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ देश में चल रहे ऑपरेशन में दिल्ली और मुंबई पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने 3 बांग्लादेशियों को वहीं मुंबई पुलिस ने 13 बांगलादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जो भारत में अवैध रूप से रह रहे थे।

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मुंबई और दिल्ली में गिरफ्तार हुए अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक

Photo : ANI

देश के अलग-अलग हिस्सों में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में मुंबई में घाटकोपर पुलिस ने 13 अवैध बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी बांग्लादेशी नालासोपारा में रह रहे थे। पुलिस ने शुरुआत में एक बांग्लादेशी को पहले गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान 13 और बांग्लादेशी मिले हैं। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी नागरिक नालासोपारा में अवैध रूप से रह रहे थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दिन पहले बांग्लादेश के एक नागरिक ने भिवंडी में 500 रुपये देकर फर्जी आधार कार्ड बनवा लिया था। इसके बाद वह भारतीय होने का दावा करते हुए पुणे में बस गया। चार रोहिंग्याओं के साथ वह जुलाई में म्यांमार से बांग्लादेश आया था। इसके बाद बांग्लादेश से सीधे पुणे के देहुर रोड इलाके में गांधीनगर आ गया। पिंपरी चिंचवड़ पुलिस की एटीएस को जानकारी मिली कि ये चारों लोग इलाके में अवैध रूप से रह रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने इन चारों के खिलाफ कार्रवाई की। लेकिन उनमें से एक एम. खान ने पुणे में 80 हजार रुपये में एक जगह खरीदी और उस जगह पर घर बनाकर अपना जीवन शुरू किया। जैसे ही पुलिस को सूचना मिली तो पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की।

सभी लोगों को बांग्लादेश प्रत्यर्पण के लिए एफआरआरओ कोसौंपा गया

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने शनिवार को सत्यापन अभियान के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक बांग्लादेशी नागरिक पिछले तीन साल से राष्ट्रीय राजधानी के दक्षिण पश्चिम जिले में अवैध रूप से रह रहा था। आरोपी की पहचान मोहम्मद साहिदुल इस्लाम के रूप में हुई है, जिसे पालम विलेज पुलिस स्टेशन ने हिरासत में लिया और बाद में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के माध्यम से बांग्लादेश प्रत्यर्पण के लिए सौंप दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी वैध दस्तावेज दिखाने में नाकाम रहा और उसने अवैध प्रवासी होने की बात स्वीकार की। उसके पास बांग्लादेश के फोटोकॉपी किए हुए दस्तावेज भी मिले। विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) मधुप तिवारी ने बताया कि दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के आदेश के बाद बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए सत्यापन अभियान चलाया गया।

इससे पहले दिल्ली में 2012 से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को गुरुवार को सफदरजंग एन्क्लेव थाना पुलिस ने अभियान के दौरान गिरफ्तार किया। 54 वर्षीय लियाकत और उसकी 39 वर्षीय पत्नी नसरीन को एफआरआरओ के जरिए बांग्लादेश भेज दिया गया। दिल्ली पुलिस ने साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस द्वारा दो अलग-अलग सत्यापन अभियान के दौरान अवैध अप्रवासियों की पहचान की। इनमें से एक की पहचान लवली खातून इस्लाम के रूप में हुई, जो शंकरपुर, राजशाही, बांग्लादेश की निवासी है और पिछले चार सालों से दिल्ली में रह रही थी। वसंत कुंज साउथ पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों द्वारा शुरू किए गए एक अन्य अभियान में, अवैध रूप से रह रहे एक अन्य व्यक्ति को पकड़ा गया। गौरतलब है कि फर्जी पासपोर्ट गिरोह के मास्टरमाइंड मनोज गुप्ता को कुछ दिन पहले पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह दस साल से अधिक समय से टूर-ट्रैवल व्यवसाय की आड़ में पासपोर्ट धोखाधड़ी का कारोबार चला रहा था। वह अब तक 100 से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिकों को जाली भारतीय पासपोर्ट के जरिए विदेश भेज चुका है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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