Twisha Sharma Death Case: भोपाल के बेहद चर्चित ट्विशा शर्मा आत्महत्या मामले में बड़ी खबर सामने आई है। डीसीपी जोन-2 ने इस मामले में आरोपी पति समर्थ के खिलाफ 10 हजार का इनाम घोषित कर दिया है। इसके साथ ही उसके पासपोर्ट को रद्द करने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ट्विशा की पीएम रिपोर्ट में नहीं हुई ड्रग्स की पुष्टि
ट्विशा शर्मा सुसाइड मामले में जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।एसआईटी के चीफ रजनीश कश्यप ने टाइम्स नाउ नवभारत से इसे लेकर खास बातचीत की और सभी आरोपों पर सिलसिलेवार तरीके से अपनी बात रखी।रजनीश कश्यप के मुताबिक, ट्विशा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ड्रग्स जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।
रजनीश कश्यप ने बताया कि तकनीकी रूप से पुलिस ने सही इन्वेस्टिगेशन किया है। इस दौरान उन्होंने सुसाइड में इस्तेमाल की गई जिम्नास्टिक बेल्ट को लेकर उठ रहे सवालों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जिम्नास्टिक बेल्ट नहीं जमा करने का सवाल है तत्कालीन जांच अधिकारी की लापरवाही सामने आई है,इस पर विधि सम्मत कार्रवाई कर रहे हैं। पुलिस पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है, वह निष्पक्ष कम कर रही है।
समर्थ सिंह को ढूंढ़ रही 6 से 7 टीमें
वहीं, आरोपी पति समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए 6 से 7 टीमें काम कर रही हैं। इस बीच, ट्विशा मामले में पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई है।
गौरतलब है कि पुलिस ने शुरु में इसे आत्महत्या का मामला बताया था। वहीं, मायके पक्ष ने इसे सुनियोजित हत्या बताया है। पति समर्थ सिंह और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
'आत्महत्या नहीं, सोची-समझी हत्या'
ट्विशा के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। ट्विशा के भाई और पिता का कहना है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है और पति व सास ने खुद को बचाने के लिए खुदकुशी की झूठी कहानी रची है।
कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे के मुताबिक, ट्विशा मंगलवार रात अपनी मां का फोन नहीं उठा रही थीं, जिसके बाद परेशान होकर मां ने सास गिरिबाला सिंह को फोन किया। रात करीब 10:20 बजे सास ने ही छत पर जाकर ट्विशा शर्मा का शव फांसी के फंदे पर लटका देखा था। हालांकि, ट्विशा के भाई ने इस टाइमलाइन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
भाई का कहना है कि रात 10:05 बजे तक ट्विशा फोन पर अपनी मां से बात कर रही थीं, तभी अचानक वहां उनका पति समर्थ पहुंचा और उसने चिल्लाना शुरू कर दिया, जिसके तुरंत बाद फोन कट गया। इसके ठीक 15 मिनट बाद यानी 10:20 बजे गिरिबाला सिंह ने फोन कर ट्विशा की मौत की सूचना दे दी। महज 15 मिनट के इस अंतराल ने परिजनों के संदेह को और गहरा कर दिया है।
साक्ष्यों से छेड़छाड़ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल
ट्विशा के परिवारवालों के आरोपों के बाद यह मामला कानूनी और तकनीकी रूप से पेचीदा हो गया है। मृतका के पिता नवनिधि शर्मा ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन की शुरुआती कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है।
पिता का दावा है कि जिस ऊंचाई से फांसी लगाने की बात कही जा रही है, वह व्यावहारिक परिस्थितियों और ट्विशा के कद से मेल नहीं खाती। इसके अलावा, मौके पर मौजूद रस्सी समेत अन्य महत्वपूर्ण फॉरेंसिक साक्ष्यों को या तो बदला गया है या नष्ट करने का प्रयास किया गया है। परिजनों का यह भी कहना है कि ट्विशा के गले पर चोट के जो निशान थे, उन्हें पोस्टमार्टम (पीएम) रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया और कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज कर दिया गया।
जांच को प्रभावित करने का आरोप
ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया कि मौत के बाद अस्पताल में पूर्व जज गिरिबाला सिंह के परिचित कई डॉक्टर मौजूद थे, जिसके कारण पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया और रिपोर्ट प्रभावित हुई। जांच पर शुरू से ही संदेह होने के कारण परिजनों ने शव लेने से साफ इनकार कर दिया है। उनकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच के लिए किसी दूसरे शहर में मृतका का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए, ताकि मौत का वास्तविक सच सामने आ सके।
मामले की गंभीरता और बढ़ते विवाद को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने शनिवार को एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। एसीपी मिसरोद रजनीश कश्यप के नेतृत्व में गठित यह छह सदस्यीय टीम अब पूरे मामले की नए सिरे से बारीकी से जांच करेगी।
दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज
कटारा हिल्स पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या व प्रताड़ना का केस दर्ज कर लिया है। शुक्रवार को कोर्ट में चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद पूर्व जज गिरिबाला सिंह को अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई है, जबकि उनके बेटे समर्थ की जमानत याचिका पर आगामी सोमवार को सुनवाई होनी तय हुई है।
