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Wayanad Landslide: CM विजयन के साथ वायनाड पहुंचे PM मोदी, किया प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वेक्षण

PM Modi Wayanad visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वायनाड दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब केरल सरकार ने आपदाग्रस्त क्षेत्र में पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए 2,000 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है। अधिकारियों ने बताया कि पीएम मोदी वायनाड में राहत शिविर और अस्पताल में प्रभावित लोगों से मुलाकात भी कर सकते हैं।

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पीएम मोदी ने वायनाड में किया हवाई सर्वेक्षण।

Photo : Twitter

PM Modi Wayanad visit: वायनाड में हुए भूस्खलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केरल पहुंचे। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने से पहले सीएम विजयन के साथ क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भूस्खलन की उत्पति देखी, जो इरुवाझिंजी पुझा (नदी) के उद्गम स्थल पर है। उन्होंने पुंचिरिमट्टम, मुंडक्कई और चूरलमाला के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भी करेंगे और लोगों से भी मुलाकात कर सकते हैं।

बता दें, प्रधानमंत्री एयर इंडिया वन विमान से पूर्वाह्न करीब 11 बजे कन्नूर हवाई अड्डे पर उतरे, जहां केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने उनकी अगवानी की। कन्नूर से प्रधानमंत्री वायुसेना के हेलीकॉप्टर के जरिये वायनाड के लिए रवाना हुए, जहां वह भूस्खलन प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, पीएम मोदी के साथ राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान खान, सीएम विजयन और केंद्रीय पर्यटन तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी भी वायनाड के लिए रवाना हुए।

सड़क मार्ग से प्रभावित क्षेत्रों तक जाएंगे पीएम मोदी

वायुसेना का हेलीकॉप्टर कलपेट्टा में एसकेएमजे हायर सेकेंडरी स्कूल में उतरेगा, जहां से मोदी सड़क मार्ग से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब केरल सरकार ने आपदाग्रस्त क्षेत्र में पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए 2,000 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है। अधिकारियों ने बताया कि वायनाड में बचाव अभियान में शामिल दल प्रधानमंत्री को निकासी प्रयासों के बारे में जानकारी देंगे।

लोगों से मुलाकात करेंगे मोदी

अधिकारियों ने बताया कि पीएम मोदी राहत शिविर और अस्पताल जाएंगे, जहां वह पीड़ितों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से निकाले गए लोगों से मुलाकात करेंगे। मोदी इसके बाद एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें उन्हें आपदा और उसके बाद जारी राहत प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। केरल के वायनाड जिले में 30 जुलाई को बड़े पैमाने पर हुई भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 226 लोगों की मौत हो गई थी। क्षेत्र में कई लोग अब भी लापता हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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