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अपने पुराने वैभव में लौटेगा नालंदा विश्वविद्यालय, नए परिसर का आज उद्घाटन करेंगे PM मोदी, नीतीश कुमार भी होंगे साथ

PM Modi Nalanda Visit: पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने इस विवि के पुनरुद्धार का प्रस्ताव रखा जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया। तब से इस विवि में निर्माण कार्य चल रहा है जो अब जाकर पूरा हुआ है। नालंदा विवि पहुंचने पर पीएम 1600 साल पहले के इसके अवशेषों को अवलोकन करेंगे।

PM Modi Nalanda Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने एक दिन के दौरे पर आज बिहार के नालंदा जाएंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद उनका यह पहला बिहार दौरा है। वह राजगीर जिले में नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन करेंगे। पीएम वाराणसी से नालंदा के लिए रवाना होंगे। बता दें कि पीएम सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। वाराणसी से उन्होंने किसान सम्मान निधि की किश्त जारी की और शाम के वक्त गंगा आरती में शामिल हुए। जानकारी के मुताबिक पीएम सुबह आठ बजे बिहार के लिए रवाना होंगे और सुबह दस 10 बजे नालंदा पहुंचेंगे।

पूर्व राष्ट्रपति कलाम ने रखा था पुनरुद्धार का प्रस्ताव

पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने इस विवि के पुनरुद्धार का प्रस्ताव रखा जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया। तब से इस विवि में निर्माण कार्य चल रहा है जो अब जाकर पूरा हुआ है। नालंदा विवि पहुंचने पर पीएम 1600 साल पहले के इसके अवशेषों को अवलोकन करेंगे। इस दौरान बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी उनके साथ होंगे। पीएम के इस दौरे को देखते हुए राजगीर जिले की सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है।

विवि 455 एकड़ में फैला है

19 सितंबर 2014 में इसके निर्माण की नींव रखी गई। केंद्र और राज्य के सहयोग से इस विश्वविद्यालय को फिर से बनाया गया है। यह विवि 455 एकड़ में फैला है। यहां एशिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी बन रही है। परिसर में 100 एकड़ में तालाब और 150 एकड़ में पौधे होंगे। विश्वविद्यालय बिजली, पानी और ऑक्सीजन में आत्मनिर्भर होगी। अभी यहां 17 दशों के 400 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। यहां ग्रेजुएशन, पीएचडी सहित 10 विषयों की पढ़ाई हो रही है। नालंदा विश्वविद्यालय प्राचीन भारत के ज्ञान एवं गरिमा का उद्घोष करता था लेकिन बख्तियार खिलजी ने इस विवि में आग लगा दी।

2000 शिक्षक और 10,000 छात्र रहते थे

साल 427 ई में सम्राट कुमार गुप्त ने इस विवि की स्थापना की थी। करीब 800 साल यानी 12वीं शताब्दी के अंत तक यह विवि चलता रहा। बीच-बीच में विवि आक्रमणकारियों का दंश भी झेलता रहा। नालंदा विवि में एक साथ 2000 शिक्षक और 10,000 छात्र रहते थे। साल 1199 में खिलजी ने विवि पर हमला किया और इसमें आग लगा दी। बताया जाता है कि नालंदा विवि का पुस्तकालय आग में करीब तीन महीने तक जलता रहा।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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