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भारत में बनेंगे सी-295 एयरक्राफ्ट, कल पीएम मोदी गुजरात में करेंगे देश के पहले निजी मिलिट्री एयरक्राफ्ट प्लांट का करेंगे उद्घाटन

PM Narendra Modi: रक्षा मंत्रालय और एयरबस डिफेंस एंड स्पेस एसए के बीच स्पेन से 56 सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए 24 सितंबर, 2021 की डील हुई थी। इसके करार के तहत 16 एयरक्राफ्ट सीधे स्पेन से डिलीवर किए जाएंगे। वहीं, 40 को भारत में बनाया जाएगा।

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PM Narendra Modi

PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने स्पेनिश समकक्ष पेड्रो सांचेज के साथ सोमवार को वडोदरा में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) के टाटा एयरक्राफ्ट कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन करेंगे। इस विमान उत्पादन प्लांट में मिलिट्री एयरक्राफ्ट सी-295 का उत्पादन किया जाएगा। टीएएसएल की ओर से इस फैक्ट्री में 40 सी-295 एयरक्राफ्ट का उत्पादन किया जाएगा। यह भारत में मिलिट्री एयरक्राफ्ट के लिए पहली निजी असेंबली लाइन होगी। इस फैक्ट्री में एयरक्राफ्ट की मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, टेस्टिंग और डिलीवरी और रखरखाव से जुड़े सभी कार्य किए जाएंगे।

इस मिलिट्री एयरक्राफ्ट फैक्ट्री को टाटा एडवांस सिस्टम द्वारा एयरबस स्पेन के साथ साझेदारी में बनाया जा रहा है। यह भारत सरकार के फ्लैगशिप इनिशिएटिव 'मेक इन इंडिया' का प्रतीक होगा। रक्षा मंत्रालय और एयरबस डिफेंस एंड स्पेस एसए के बीच स्पेन से 56 सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए 24 सितंबर, 2021 की डील हुई थी। इसके करार के तहत 16 एयरक्राफ्ट सीधे स्पेन से डिलीवर किए जाएंगे। वहीं, 40 को भारत में बनाया जाएगा।

21,935 करोड़ रुपये में हुई थी डील

56 सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के लिए एयरबस के साथ रक्षा मंत्रालय ने यह डील 21,935 करोड़ रुपये में की थी। स्पेन से आने वाले एयरक्राफ्ट में छह की डिलीवरी इंडियन एयर फोर्स (आईएएफ) को मिल चुकी है और सातवां विमान इस साल के अंत तक एयरफोर्स को मिल सकता है। इन 16 एयरक्राफ्ट की डिलीवरी अगस्त 2025 तक पूरी होनी है। टाटा-एयरबस की गुजरात के वडोदरा स्थित फैक्ट्री से पहला सी-295 एयरक्राफ्ट सितंबर 2026 में बाहर आ सकता है। बाकी के 39 एयरक्राफ्ट की डिलीवरी अगस्त 2031 तक होनी है।

सी-295 एयरक्राफ्ट की सबसे बड़ी ऑपरेटर होगी IAF

प्रधानमंत्री मोदी ने अक्टूबर 2022 में सी-295 विमान कार्यक्रम को समर्पित वडोदरा फैक्ट्री की आधारशिला रखी थी। एक बार पूरी तरह से चालू हो जाने पर, इंडियन एयरफोर्स सी-295 एयरक्राफ्ट की दुनिया की सबसे बड़ी ऑपरेटर बन जाएगी है, इससे क्षमताओं और परिचालन तत्परता में और वृद्धि होगी। स्पेन के प्रधानमंत्री सांचेज की तीन दिवसीय भारत यात्रा शनिवार से शुरू हो गई है। स्पेन के राष्ट्रपति की पिछली यात्रा के 18 साल बाद यह उनकी पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। इससे पहले दोनों नेता विभिन्न बहुपक्षीय बैठकों के दौरान कई मौकों पर मिल चुके हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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