देश

पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को दी श्रद्धांजलि, उनके परिवार के प्रति व्यक्त की संवेदना

Breaking News: पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के बाद पीएम मोदी उनके आवास पर पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर दुख जताते हुये कहा कि वह भारत के सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक थे और उन्होंने देश की आर्थिक नीति पर गहरी छाप छोड़ी।

Image

पीएम मोदी ने मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी।

PM Modi pays last respects to Dr. Manmohan Singh: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के आवास पर पहुंचे। इस दौरान पीएम मोदी ने डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का बृहस्पतिवार की रात निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली ने मनमोहन सिंह के निधन की घोषणा की। उन्हें गंभीर हालत में रात करीब साढ़े आठ बजे आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया था। एम्स ने एक बुलेटिन में कहा कि 26 दिसंबर को ‘‘उनका आयु संबंधी चिकित्सा उपचार जारी था और वह घर पर अचानक बेहोश हो गए।’’

मोदी, शाह और नड्डा ने मनमोहन सिंह को दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के आवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देने के बाद उनके आवास से रवाना हुए।

कैसे हुआ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन?

AIIMS के बुलेटिन में कहा गया, ‘‘उन्हें घर पर तत्काल होश में लाने के प्रयास किए गए। उन्हें रात आठ बजकर छह मिनट पर दिल्ली एम्स लाया गया। तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें होश में नहीं लाया जा सका और रात 9.51 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।’’ मनमोहन सिंह ने भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में वर्ष 2004 से 2014 तक 10 वर्षों तक देश का नेतृत्व किया। पिछले कुछ माह से उनका स्वास्थ्य खराब था। उनके परिवार में पत्नी गुरचरण सिंह और तीन बेटियां हैं। उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और सोनिया गांधी अस्पताल पहुंचीं।

दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक राष्ट्र के 10 वर्षों तक प्रधानमंत्री रहे सिंह को दुनिया भर में उनकी आर्थिक विद्वता तथा कार्यों के लिए सम्मान दिया जाता था। मनमोहन सिंह का निधन ऐसे दिन हुआ जब कर्नाटक के बेलगावी में कांग्रेस कार्य समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में पार्टी के सभी शीर्ष नेता मौजूद थे। पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी बेलगावी से दिल्ली रवाना हो गए हैं।

मनमोहन सिंह के निधन पर क्या बोले पीएम मोदी?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर दुख जताते हुये कहा कि वह भारत के सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक थे और उन्होंने देश की आर्थिक नीति पर गहरी छाप छोड़ी। मनमोहन सिंह का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वह 92 साल के थे। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘भारत अपने सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन पर शोकाकुल है। साधारण परिवार से उठकर वह एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री बने। उन्होंने वित्त मंत्री समेत विभिन्न सरकारी पदों पर कार्य किया और वर्षों तक हमारी आर्थिक नीति पर एक गहरी छाप छोड़ी। संसद में उनका हस्तक्षेप भी व्यावहारिक था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए।’’ मोदी ने कहा, ‘‘जब डॉ. मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री थे और मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था तब मेरे और उनके बीच नियमित बातचीत होती थी। हम शासन से संबंधित विभिन्न विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श करते रहते थे। उनकी बुद्धिमत्ता और विनम्रता सदैव झलकती रहती थी।’’

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article