PM Modi Ukraine Visit: यूक्रेन को लेकर सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 अगस्त को यूक्रेन के दौरे पर जा सकते हैं। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार वह यूक्रेन की यात्रा पर होंगे। बता दें कि पिछले महीने जून के आखिरी सप्ताह में इटली में जी-7 समिट से इतर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की प्रधानमंत्री मोदी से मिले थे और उन्हें यूक्रेन आने का न्योता दिया था। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं को हाथ मिलाते और गले मिलते देखा गया। इस महीने की शुरुआत में जब प्रधानमंत्री रूस की यात्रा पर थे, तो दोनों देशों ने परमाणु ऊर्जा और जहाज निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की थी।
पुतिन से मुलाकात पर जेलेंस्की की कड़ी प्रतिक्रिया
इसी महीने की 8 जुलाई को मास्को में पीएम मोदी जब रूस के राष्ट्रपति पुतिन से गले मिले तो जेलेंस्की ने काफी कड़ी प्रतिक्रिया दी। जेलेंस्की ने कहा था कि 'पुतिन को गले लगाते हुए देख उन्हें घोर निराशा हुई है और यह शांति प्रयासों को बहुत भारी झटका है।' प्रधानमंत्री मोदी अपनी दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर रूस पहुंचे थे। मास्को में उनका भव्य स्वागत हुआ।
जेलेंस्की ने पुतिन को बताया 'खूंखार अपराधी'
X पर अपने पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा, 'रूस के मिसाइल हमले में आज यूक्रेन में 37 लोगों की जान चली गई। इनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। हमले में घायल 170 लोगों में 13 बच्चे भी शामिल हैं। रूसी मिसाइल ने यूक्रेन में बच्चों के सबसे बड़े अस्पताल को निशाना बनाया। इमारत के मलबे में कई लोग दब गए। इस दिन दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के नेता द्वारा दुनिया के सबसे खूंखार अपराधी को मास्को में गले लगाते हुए देखकर घोर निराशा हुई। यह शांति प्रयासों को बहुत बड़ झटका है।' दरअसल, पीएम मोदी के दौरे के समय रूस ने अपनी मिसाइल से कीव पर हमला किया था और यह मिसाइल एक अस्पताल पर गिर गई।
मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं पीएम
ऐसी चर्चा है कि पीएम मोदी रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म कराने की पहल कर सकते हैं या मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं। पीएम मोदी के इस संभावित यूक्रेन दौरे को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ। तब से लेकर अब तक दोनों पक्षों को भारी नुकसान हो चुका है। रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगे हैं जबकि अमेरिका सहित नाटो के देश हथियारों से यूक्रेन को मदद देते आए हैं। पीएम मोदी शुरू से कहते आए हैं कि यूक्रेन युद्ध का समाधान जंग से नहीं बल्कि बातचीत और कूटनीति से हो सकता है। उन्होंने पुतिन से कहा था कि यह युद्ध का समय नहीं है।
