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अगले महीने श्रीलंका की यात्रा करेंगे पीएम मोदी, जानें इस दौरे में क्या कुछ होगा खास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने यानी अप्रैल में श्रीलंका की यात्रा करेंगे। साल 2015 के बाद से प्रधानमंत्री मोदी की श्रीलंका की यह चौथी यात्रा होगी। आपको बताते हैं कि पीएम मोदी के इस दौरे में दोनों देशों के बीच किन समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। इसकी जानकारी श्रीलंकाई विदेश मंत्री ने दी है।

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पीएम मोदी (फाइल फोटो)

Photo : PTI

PM Modi will visit Sri Lanka: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले वर्ष श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके की दिल्ली यात्रा के दौरान हुए समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए अगले महीने की शुरुआत में श्रीलंका की यात्रा करेंगे। विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने यहां संसद में बजट आवंटन को लेकर हुई चर्चा पर एक सवाल के जवाब में यह बयान दिया।

पीएम मोदी के इस दौरे में कई नए समझौता ज्ञापनों पर किए जाएंगे हस्ताक्षर

हेराथ ने कहा, 'हमने अपने पड़ोसी देश भारत के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखे हैं। हमारी पहली कूटनीतिक यात्रा भारत की थी, जहां हमने द्विपक्षीय सहयोग पर कई समझौते किए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अप्रैल की शुरुआत में यहां आएंगे।'

हेराथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान सामपुर सौर ऊर्जा स्टेशन के उद्घाटन के अलावा कई नए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

साल 2015 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की श्रीलंका की चौथी यात्रा

सरकारी विद्युत इकाई सीलोन विद्युत बोर्ड और भारत की एनटीपीसी ने 2023 में पूर्वी त्रिंकोमाली जिले के सामपुर शहर में 135 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र बनाने पर सहमति व्यक्त की थी। हेराथ ने कहा, ‘‘हम अपनी विदेश नीति में किसी का पक्ष लिए बिना तटस्थ रहेंगे और राष्ट्रीय हित को बनाए रखने के लिए काम करेंगे।’’ वर्ष 2015 के बाद से प्रधानमंत्री मोदी की श्रीलंका की यह चौथी यात्रा होगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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