देश

‘ज्ञान भारतम' पोर्टल आज लॉन्च करेंगे PM मोदी, पांडुलिपियों के डिजिलिटकरण की दिशा में होगा बड़ा कदम

सम्मेलन में दुर्लभ पांडुलिपियों की एक प्रदर्शनी और पांडुलिपि संरक्षण, डिजिटलीकरण प्रौद्योगिकियों, मेटाडेटा मानक, कानूनी संरचनाओं, सांस्कृतिक कूटनीति और प्राचीन लिपियों के अर्थ-निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विद्वानों की प्रस्तुतियां भी शामिल होंगी। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में भाग लिया।

Image

'ज्ञान भारतम' पोर्टल आज लॉन्च करेंगे PM मोदी। तस्वीर-PTI

Photo : PTI

Gyan Bharatam portal : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को ‘ज्ञान भारतम' पोर्टल लॉन्च करेंगे। इसके साथ ही वह भारत की पांडुलिपि विरासत पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित भी करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक ‘ज्ञान भारतम्’ पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, संरक्षण और सार्वजनिक पहुंच में तेजी लाने के लिए एक समर्पित डिजिटल मंच है। ‘पांडुलिपि विरासत के माध्यम से भारत के ज्ञान धरोहर की पुनःप्राप्ति’ विषय-वस्तु पर आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत बृहस्पतिवार को यहां विज्ञान भवन में हुई।

पाण्डुलिपि संपदा को पुनर्जीवित करने का प्रयास

बयान के मुताबिक, यह सम्मेलन भारत की अद्वितीय पाण्डुलिपि संपदा को पुनर्जीवित करने और इसे वैश्विक ज्ञान संवाद के केंद्र में रखने के उपायों पर विचार-विमर्श करने के लिए अग्रणी विद्वानों, संरक्षणवादियों, प्रौद्योगिकीविदों और नीति विशेषज्ञों को एक साथ लाएगा। बयान में बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी 12 सितंबर को सम्मेलन में भाग लेंगे और इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ‘ज्ञान भारतम्’ पोर्टल की भी शुरुआत करेंगे, जो पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, संरक्षण और सार्वजनिक पहुंच में तेज़ी लाने के लिए एक समर्पित डिजिटल मंच है।

समारोह में विद्वानों की प्रस्तुतियां भी शामिल होंगी

सम्मेलन में दुर्लभ पांडुलिपियों की एक प्रदर्शनी और पांडुलिपि संरक्षण, डिजिटलीकरण प्रौद्योगिकियों, मेटाडेटा मानक, कानूनी संरचनाओं, सांस्कृतिक कूटनीति और प्राचीन लिपियों के अर्थ-निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विद्वानों की प्रस्तुतियां भी शामिल होंगी। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में भाग लिया। उन्होंने संबोधन में कहा कि भारत ‘सांस्कृतिक पुनर्जागरण के युग’ से गुजर रहा है।

‘ज्ञान भारतम मिशन’ की शुरुआत

शेखावत ने जोर देकर कहा कि ‘ज्ञान भारतम मिशन’ की परिकल्पना देश की पांडुलिपि विरासत को संरक्षित करने के लिए की गई है। सरकार ने संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत एक प्रमुख पहल के रूप में ‘ज्ञान भारतम मिशन’ की शुरुआत की है। इस मिशन का उद्देश्य भारत भर के शैक्षणिक संस्थानों, संग्रहालयों, पुस्तकालयों और निजी संग्रहों में एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण, संरक्षण, डिजिटलीकरण और उन्हें सुलभ बनाना है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article