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पीएम मोदी ने स्वदेशी रूप से विकसित तीन PARAM Rudra supercomputers किए लॉन्च-Video

PARAM Rudra supercomputers: स्वदेश में निर्मित परम रुद्र सुपरकंप्यूटर को अग्रणी वैज्ञानिक अनुसंधान की सुविधा के लिए पुणे, दिल्ली और कोलकाता में तैनात किया गया है।

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स्वदेश में निर्मित परम रुद्र सुपरकंप्यूटर

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  1. पीएम मोदी ने लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत के तीन परम रुद्र सुपरकंप्यूटर राष्ट्र को समर्पित किए
  2. ये राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के अंतर्गत स्वदेश में विकसित हैं
  3. नयी एचपीसी प्रणालियों को 'अर्का' और 'अरुणिका' नाम दिया गया है, जो सूर्य से उनके संबंध को दर्शाता है

PARAM Rudra supercomputers: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के अंतर्गत स्वदेश में विकसित लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत के तीन परम रुद्र सुपरकंप्यूटर राष्ट्र को समर्पित किए।वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने मौसम और जलवायु अनुसंधान के लिए तैयार एक उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग प्रणाली का भी उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री पहले पुणे से इन परियोजनाओं का उद्घाटन करने वाले थे लेकिन महाराष्ट्र में भारी बारिश की वजह से उनका दौरा रद्द हो गया। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, सुपरकंप्यूटिंग प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता के अनुरूप तीन परम रुद्र सुपरकंप्यूटर तैयार किए गए हैं।

इन सुपरकंप्यूटरों को अग्रणी वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए पुणे, दिल्ली और कोलकाता में लगाया गया है। पुणे में विशाल मीटर रेडियो टेलीस्कोप, फास्ट रेडियो बर्स्ट और अन्य खगोलीय घटनाओं का पता लगाने के लिए सुपरकंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाएगा।दिल्ली में इंटर यूनिवर्सिटी एक्सेलेरेटर सेंटर (आईयूएसी) पदार्थ विज्ञान और परमाणु भौतिकी जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देगा जबकि कोलकाता में एसएन बोस केंद्र भौतिकी, ब्रह्मांड विज्ञान और पृथ्वी विज्ञान जैसे क्षेत्रों में उन्नत अनुसंधान को बढ़ावा देगा।

प्रधानमंत्री ने मौसम और जलवायु अनुसंधान के लिए तैयार जिस एक उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग प्रणाली का उद्घाटन किया उसे 850 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार किया गया है। पीएमओ के अनुसार, यह परियोजना मौसम संबंधी अनुप्रयोगों के लिए भारत की कम्प्यूटेशनल क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नयी एचपीसी प्रणालियों को 'अर्का' और 'अरुणिका' नाम दिया गया है

पीएमओ ने कहा कि दो प्रमुख स्थलों पुणे में भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान और नोएडा में राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र में मौजूद इस एचपीसी प्रणाली में असाधारण कंप्यूटिंग शक्ति है। नयी एचपीसी प्रणालियों को 'अर्का' और 'अरुणिका' नाम दिया गया है, जो सूर्य से उनके संबंध को दर्शाता है। ये उच्च-रिज़ॉल्यूशन मॉडल उष्णकटिबंधीय चक्रवातों, भारी वर्षा, गरज के साथ बारिश, ओलावृष्टि, लू, सूखा और अन्य महत्वपूर्ण मौसम संबंधी घटनाओं की सटीक भविष्यवाणियों और ‘लीड टाइम’ को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगे।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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