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पीएम मोदी ने लखपति दीदियों से की बातचीत, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर नारी शक्ति को किया सलाम

PM Modi in Gujarat: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गुजरात के नवसारी में ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में महिला लाभार्थियों से बातचीत की।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखपति दीदियों से की बातचीत।

PM Modi Interacts with Lakhpati Didis in Navsari: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गुजरात के नवसारी जिले के वानसी बोरसी गांव में लखपति दीदियों से संवाद किया। वह 5 को लखपति दीदी प्रमाण पत्र से सम्मानित भी करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखपति दीदियों से की बातचीत

प्रधानमंत्री गुजरात सरकार के जी-सफल (आजीविका बढ़ाने के लिए अंत्योदय परिवारों के लिए गुजरात योजना) और जी-मैत्री (ग्रामीण आय में परिवर्तन के लिए व्यक्तियों की गुजरात मेंटरशिप और त्वरण) कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। जी-मैत्री योजना उन स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता और सहयोग प्रदान करेगी जो ग्रामीण आजीविका के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के लिए काम कर रहे हैं। जी-सफल गुजरात के दो आकांक्षी जिलों और 13 आकांक्षी ब्लॉकों में अंत्योदय परिवारों की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को वित्तीय सहायता और उद्यमशीलता प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

पीएम मोदी की सुरक्षा में आज सिर्फ महिला सुरक्षाकर्मी तैनात

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शनिवार को गुजरात के नवसारी जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूर्णतः महिला पुलिस बल तैनात किया गया। यह ऐतिहासिक कदम भारत के इतिहास में पहली बार उठाया जा रहा है, जब किसी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख केवल महिला पुलिसकर्मी कर रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पीएम मोदी ने नारी शक्ति को किया नमन

पीएम मोदी ने नारी शक्ति को नमन करते हुए देशवासियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दी हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "हम महिला दिवस पर अपनी नारी शक्ति को नमन करते हैं। हमारी सरकार ने हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए काम किया है, जो हमारी योजनाओं और कार्यक्रमों में झलकता है। आज, जैसा कि वादा किया गया था, मेरी सोशल मीडिया प्रॉपर्टीज उन महिलाओं द्वारा संभाली जाएंगी जो विविध क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं।"

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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