नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (29 September 2022) को गुजरात पहुंचे हैं। यहां वो अपने दो दिवसीय दौरे के तहत गुरुवार को सूरत पहुंचे। जहां उन्होंने करोड़ों की परियोजनाओं का शिलांन्यास और उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि दुख भरे दिन बीत चुके हैं। सूरत के बाद पीएम मोदी भावनगर पहुंचे। जहां उनका एक विशाल रोड शो निकला। इस दौरान जमकर मोदी-मोदी के नारे लगे।
पीएम मोदी ने सूरत को 3,400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा- "जब मैं मुख्यमंत्री बना तो पहले दिन से लोग कहते थे कि कम से कम खाना खाते समय तो बिजली मिले.. ऐसा तो करो, अब वो सारे दुख वाले दिन चले गये।"
पीएम मोदी ने आगे कहा कि सूरत, लोगों की एकजुटता और जन भागीदारी दोनों का एक अद्भुत उदाहरण है। सूरत की सबसे बड़ी विशेषता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा शहर है जो श्रम का सम्मान करता है। उन्होंने आगे- भारत का कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं होगा, जिसके लोग सूरत की भूमि पर नहीं रहते हों- "एक तरह का मिनी हिंदुस्तान है ये। मुझे आने में कुछ साल लग गये, मैं देर से आया.. लेकिन खाली हाथ नहीं आया हूं।"
सूरत के बाद पीएम मोदी भावनगर पहुंचे। भावनगर में पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करने से पहले विशाल रोड शो किया। सुबह में उन्होंने सूरत में भी रोड शो किया था। जिसके बाद वह भावनगर पहुंचे और महिला महाविद्यालय गोलचक्कर से जवाहर मैदान तक दो किलोमीटर तक रोड शो की अगुवाई की। भावनगर में पीएम ने 6000 करोड़ रुपये की कई योजनाओं का शिलांन्यास और उद्घाटन किया। उन्होंने यहां कहा- "एक तरफ देश जहां आज़ादी के 75 वर्ष पूरे कर चुका है, वहीं इस साल भावनगर अपनी स्थापना के 300 वर्ष पूरे करने जा रहा है। 300 वर्षों की अपनी इस यात्रा में भावनगर ने सतत विकास की, सौराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में अपनी पहचान बनाई है।"
आगे उन्होंने कहा- "एक तरफ वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ रही है और दूसरी तरफ दुनिया भी कंटेनर्स के मामले में भरोसेमंद सप्लायर की तलाश में है। पूरी दुनिया को लाखों कंटेनर की जरूरत है। भावनगर में बनने वाला कंटेनर आत्मनिर्भर भारत को भी ऊर्जा देंगे और यहां रोजगार के नए अवसर भी बनाएंगे।"
पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भावनगर समंदर के किनारे बसा जिला है। गुजरात के पास देश की सबसे लंबी कोस्टलाइन है। लेकिन आजादी के बाद के दशकों में तटीय विकास पर उतना ध्यान ना दिए जाने की वजह से, ये विशाल कोस्टलाइन एक तरह से लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी। लेकिन बीजेपी की सरकार इस ओर पूरा ध्यान दे रही है, जिससे यहां लगातार विकास हो रहा है।
