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पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर क्या-क्या होगा, किन सौदों पर होंगे हस्ताक्षर और भारत को क्या मिलेगा?

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 12, 2023, 07:03 PM IST

PM Modi France Visit: पीएम मोदी का फ्रांस दौरा दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और यूरोपीय संघ के साथ भी रणनीतिक संबंध मजबूत करने की दिशा में इस दौरे को अहम माना जा रहा है। आइए जानते हैं कि पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर क्या-क्या होगा और किन सौदों पर हस्ताक्षर होंगे...

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Narendra-Modi

PM Modi France Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जुलाई के बीच तीन दिवसीय फ्रांस दौरे पर रहेंगे। वह 14 जुलाई को फ्रांस के बैलिस्ट दिवस समरोह में बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। इस समारोह में भारतीय सेना के तीनों अंगों की टुकड़ी भी हिस्सा लेगी। खास बात यह है कि पीएम मोदी का यह दौरा उनके अमेरिका की स्टेट विजिट के ठीक बाद हो रहा है। ऐसे में इसे बेहद खास माना जा रहा है।

पीएम मोदी की फ्रांस विजिट के दौरान कई अहम रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी 26 राफेल समुद्री लड़ाकू जेट और तीन स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियां खरीदने के लिए अरबों डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। इसके साथ ही यूरोपीय संघ के साथ भी रणनीतिक संबंध मजबूत करने की दिशा में इस दौरे को अहम माना जा रहा है। आइए जानते हैं कि पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर क्या-क्या होगा और किन सौदों पर हस्ताक्षर होंगे...

पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर क्या होगा?

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जुलाई को फ्रांस दौरे पर पहुंचेंगे। वह ला सीन म्यूजिकल हाल में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे।
  • इसके बाद पीएम मोदी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन एलिसी पैसले के लिए रवाना होंगे। यहां उनके लिए प्राइवेट डिनर रखा गया है।
  • इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी होने की संभावना है।
  • 14 जुलाई को पीएम मोदी पेरिस में बैस्टिल डे परेड में मुख्य अतिथि होंगे।
  • इसी दिन दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की चर्चा होगी।
  • मैक्रॉन लौवर संग्रहालय के कौर मार्ली प्रांगण में पीएम मोदी के लिए औपचारिक डिनर होस्ट किया जाएगा।
  • पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉन लौवर संग्रहालय की छत से एफिल टॉवर पर आतिशबाजी देखेंगे।

पीएम मोदी के दौरे से भारत को क्या उम्मीदें?

  • भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दरअसल, 26 राफेल-एम और तीन पनडुब्बियों के खरीदे जाने के समझौते पर पीएम मोदी हस्ताक्षर कर सकते हैं।
  • प्रस्ताव के तहत 22 सिंगल सीटेड और चार डबल सीटेड ट्रेनर विमार भी भारत को मिलेंगे। वहीं तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बी प्रोजेक्ट 75 का हिस्सा होंगी।
  • दोनों देशों के बीच 90 हजार करोड़ रुपये की रक्षा डील पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
  • पीएम मोदी फ्रांस के उच्च सदन और निचले सदन के अध्यक्षों सहित फ्रांस के पूरे राजनीति नेतृत्व के साथ भी बातचीत करेंगे।
  • पीएम मोदी फ्रांस की कंपनियों के सीईओ के साथ भी बैठक कर सकते हैं। ऐसे में यह दौरा दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत कर सकता है।
  • फ्रांस यात्रा के दौरान पीएम मोदी कई वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। कूटनीतिक हिसाब से यह दौरा काफी अहम है, क्योंकि इससे भातर के यूरोपीय संघ के साथ रिश्ते मजबूत होने की उम्मीद है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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