देश

Tamil Nadu News: RTI छूट पर घिरी विजय सरकार का यू-टर्न, विवादित आदेश लिया वापस, जानें पूरा मामला

तमिलनाडु सरकार ने सार्वजनिक कानून एवं व्यवस्था विभाग को सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम से छूट देने संबंधी अपने विवादित आदेश को भारी विरोध के बाद निरस्त कर दिया है। कांग्रेस नेता कार्तिक चिदंबरम और भाजपा नेता तमिलिसाई सुंदरराजन के तीखे हमलों के बाद सरकार ने कुछ ही घंटों में अपना फैसला वापस ले लिया।

Image

भारी विरोध के आगे झुकी तमिलनाडु सरकार (फाइल फोटो)

Photo : ANI

तमिलनाडु में सूचना का अधिकार (RTI) कानून को लेकर खड़ा हुआ एक बड़ा राजनीतिक विवाद महज कुछ ही घंटों में सरकार के यू-टर्न के साथ शांत हो गया। टीवीके और सीएम थलपति सी जोसेफ विजय (TVK) के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने सार्वजनिक (कानून एवं व्यवस्था) विभाग को RTI अधिनियम के दायरे से बाहर रखने के अपने फैसले को चौतरफा दबाव के बाद वापस ले लिया है। सरकार ने इसके लिए जारी 'जीओ एमएस नंबर 57' (GO Ms. No. 57) अधिसूचना को निरस्त कर दिया है।

दरअसल, इस आदेश के तहत विभाग को 'खुफिया और सुरक्षा संगठन' के रूप में वर्गीकृत किया गया था, जिससे पुलिस हिरासत में मौत, पुलिस फायरिंग, सांप्रदायिक हिंसा और राजनीतिक मुकदमों से जुड़ी जानकारियां आम जनता की पहुंच से पूरी तरह बाहर हो जातीं। सरकार के इस कदम की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई।

कांग्रेस ने फैसले की कड़ी आलोचना

गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कार्तिक पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया पर इस फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि संप्रग (UPA) सरकार ने लोकतांत्रिक पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए RTI लागू किया था, लेकिन ऐसा फैसला एक बेहद गलत परंपरा की शुरुआत करता है। उन्होंने चेताया कि पुलिसिया कार्रवाई, कैदियों पर अत्याचार और सांप्रदायिक रिपोर्टों को जनता से छुपाना शासन की पारदर्शिता के खिलाफ है। आदेश रद्द होने के बाद उन्होंने सरकार को सलाह दी कि नौकरशाहों को प्रशासन की दिशा तय न करने दें।

बीजेपी ने भी सरकार को घेरा

वहीं, भाजपा की वरिष्ठ नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार साफ-सुथरी है, तो वह RTI से क्यों डर रही है? उन्होंने इस कदम को गैर-लोकतांत्रिक बताते हुए इसकी सख्त शब्दों में निंदा की। विपक्ष और अपने ही सहयोगियों के तीखे हमलों के बाद बैकफुट पर आई तमिलनाडु सरकार ने मामला तूल पकड़ने से पहले ही गजट नोटिफिकेशन वापस ले लिया। वर्ष 2005 में बना RTI कानून देश के नागरिकों को सरकारी रिकॉर्ड तक पहुंच प्रदान कर शासन में पारदर्शिता बनाए रखने का एक प्रमुख स्तंभ है।

monu jha
मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article