पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रात को दिल्ली में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक बुलाई है। यह कमेटी देश के सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। इस दौरान वे राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और पुडुचेरी के कार्यक्रमों में शामिल रहे। सूत्रों का कहना है कि बैठक में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले और ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद पश्चिम एशिया में के हालातों पर इसमें चर्चा हो सकती है।
क्या है CCS और कौन होंगे शामिल?
कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी देश में सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर फैसला लेने वाली सर्वोच्च समिति है। प्रधानमंत्री इसके प्रमुख होते हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसके सदस्य हैं। जरूरत पड़ने पर शीर्ष अधिकारी भी बैठक में बुलाए जाते हैं।फंसे भारतीयों की सुरक्षा बड़ा मुद्दा
सूत्रों का कहना है कि बैठक में पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर प्रमुख रूप से चर्चा होगी। मौजूदा सैन्य तनाव के कारण क्षेत्र का हवाई क्षेत्र लगभग बंद है और उड़ान सेवाएं बाधित हैं। दुबई और अन्य बड़े ट्रांजिट एयरपोर्ट पर सैकड़ों भारतीय फंसे हुए हैं। ऐसे में कई लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार से मदद की अपील की है।
ईरान में लगभग 10 हजार भारतीय नागरिक रहते,पढ़ते या काम करते हैं। वहीं अगर बात इजरायल की करें तो वहां 40 हजार से अधिक भारतीय हैं, जबकि खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में कुल मिलाकर करीब 90 लाख भारतीय बसे हुए हैं। ऐसे में स्थिति और बिगड़ने की आशंका को देखते हुए निकासी योजना पर भी चर्चा संभव है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय मिशन लगातार नागरिकों के संपर्क में हैं और हेल्पलाइन सक्रिय कर दी गई हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य और भारत की चिंता
सूत्रों के मुताबिक बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की स्थिति पर भी विचार किया जा सकता है। यह मार्ग भारतीय तेल जहाजों और व्यापारिक शिपिंग के लिए बेहद अहम है। यदि यह रास्ता लंबे समय तक बाधित रहता है, तो भारत के ऊर्जा आयात और समुद्री व्यापार पर असर पड़ सकता है।
क्या है ताजा हालात?
रविवार तड़के ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि की कि इज़राइल और अमेरिका द्वारा किए गए संयुक्त हवाई हमलों में 86 वर्षीय आयतुल्ला अली ख़ामेनेई की मौत हो गई। शनिवार से जारी बमबारी में ईरान के सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया। जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के लिए अपने देश को वापस लेने का मौका है और जरूरत पड़ने पर हमले जारी रहेंगे। जवाब में ईरान ने इजराइल,खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और दुबई की ओर ड्रोन और मिसाइलें दागीं।
भारत और पड़ोसी देशों में असर
भारत के कई हिस्सों में शिया समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर खामेनेई की मौत पर विरोध और शोक जताया। वहीं पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई।
