CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके, पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास को हिरासत में लिए जाने के मामले में शिक्षाविद् और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का बयान सामने आया।
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो संदेश जारी कर सरकार से छात्रों, युवा नेताओं, वकीलों, पत्रकारों और सांसदों के खिलाफ हुई कार्रवाई की निंदा की। इस दौरान, उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 24 घंटे के भीतर तमाम लोगों को नहीं छोड़ा गया तो मैं शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर विचार करने के लिए मजबूर हो जाऊंगा।
'देशभर में अघोषित इमरजेंसी'
वांगचुक ने कहा कि कल जब मैंने आज के प्रोटेस्ट में एकता और शांति की अपील करते हुए एक संदेश दिया था, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति तो दी ही जाएगी, लेकिन अब लग रहा है कि जैसे कोई अघोषित इमरजेंसी देशभर में लगी है। मैं इस बात की कड़ी निंदा करता हूं।
प्रदर्शन की चेतावनी
वांगचुक ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मामले को सुलझाने को कहा। उन्होंने कहा कि अगर 24 घंटे में मामले को नहीं सुलझाया गया तो वह लेह या दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन (धरना, अनशन या पदयात्रा) करने के लिए मजबूर होंगे। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार बातचीत के जरिए इस मसले को सुलझाएगी।
CJP प्रदर्शन को वांगचुक ने दिया था समर्थन
इससे पहले, वांगचुक ने सीजेपी प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया और साफ किया कि वह व्यक्तिगत रूप से प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाएंगे। हालांकि, शनिवार को छात्रों, नेताओं, पत्रकारों और सांसदों को हिरासत में लिए जाने के मामले को लेकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई।
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वांगचुक ने बीते दिनों प्रदर्शनकारियों को शुभकामनाएं देते हुए फैज अहमद की पंक्तियों का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा, राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा। उन्होंने कहा था कि अपने सभी Gen Z दोस्तों से मेरी एक बार फिर अपील है कि वे हर हाल में पूरी तरह शांतिपूर्ण रहें। यह बापू की दी हुई सीख है, जिसे मैं जून में जंतर-मंतर पर लेकर आने की कोशिश कर रहा था। मुझे उम्मीद है कि हम बापू को निराश नहीं करेंगे।
