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Monsoon Session: 17 दिन 31 बिल...कल से शुरू होगी NDA Vs INDIA की पहली फाइट; जानिए संसद में कौन-कितना मजबूत

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 19, 2023, 07:27 PM IST

Monsoon Session: भले ही विपक्ष के गठबंधन INDIA और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के बीच असली लड़ाई लोकसभा चुनाव के बीच होनी हो, लेकिन मानसून सत्र को दोनों के बीच पहला फेस-टू-फेस माना जा रहा है। संसद के दोनों सदनों में 26 विपक्षी दल मिलकर सरकार को घेरने का प्रयास करेंगे।

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Monsoon Session

Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई(कल) से शुरू हो रहा है। इससे पहले बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, जिसके बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि सभी दल मणिपुर की स्थिति पर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा, सरकार चर्चा करने के लिए तैयार है।

प्रह्लाद जोशी ने कहा, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में 34 दलों के 44 नेताओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, विपक्ष के जो भी मुद्दे होंगे, हम नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए चर्चा कराने को तैयार हैं।

17 दिन में 31 बिल पेश कराएगी सरकार

जानकारी के मुताबिक, सरकार की ओर से लोकसभा में चर्चा और पारित कराने के लिए 31 विधेयकों को सूचीबद्ध किया गया है। इसमें दिल्ली बनाम केंद्र मामले में अध्यादेश को कानून में बदलने के लिए विधेकय भी शामिल है। इसके अलावा जनविश्वास बिल, सिनेमेटोग्राफी बिल, डेटा प्रोटेक्शन, प्रोविजनल कलेक्शन ऑफ टैक्सेज बिल, इंटनेशनल मॉनेटरी फंड एंड बैंक बिल भी शामिल है। बता दें, संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगा।

NDA Vs India में पहली फाइट

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए विपक्षी दलों का गठबंधन हुआ है। बेंगलुरू में हुई बैठक में विपक्ष ने अपने गठबंधन को INDIA नाम दिया है। पूरा नाम- इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस है। जबकि, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने भी दिल्ली में एक बैठक आयोजित की थी। इसमें 38 दलों ने हिस्सा लिया था, जबकि विपक्षी गठबंधन में 26 दल शामिल हुए थे। भले ही दोनों गठबंधनों के बीच असली लड़ाई लोकसभा चुनाव के बीच होनी हो, लेकिन मानसून सत्र को दोनों के बीच पहला फेस-टू-फेस माना जा रहा है। संसद के दोनों सदनों में 26 विपक्षी दल मिलकर सरकार को घेरने का प्रयास करेंगे। इसमें सबसे चर्चित मुद्दा राज्यसभा में दिल्ली सरकार के खिलाफ अध्यादेश रहने वाला है।

अब जानिए किसमें कितना है दम

संसद में विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA के लोकसभा के अंदर 141 सांसद हैं। वहीं राज्यसभा में सदस्यों की संख्या 93 है। वहीं अगर भाजपा के नेतृत्व वाले NDA की बात की जाए तो लोकसभा में इनके सदस्यों की संख्या 332 है, जो कि विपक्ष के 26 दलों से कहीं अधिक है। वहीं राज्यसभा में इनके पास 104 सदस्य हैं।

संसद में INDIA की ताकत

इसमें कांग्रेस पार्टी के पास सबसे अधिक सांसद हैं। कांग्रेस के पास 49, डीएमके के पास 24, टीएमसी के 23, जेडीयू के 16, शिवसेना के पास 6 सांसद हैं। इसके अलाव एनडीए में भाजपा सब पर भारी है। भाजपा के पास 301 सांसद हैं। वहीं दूसरे नंबर पर शिंदे गुट वाली शिवसेना के पास 13 सांसद हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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