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शपथ के दौरान सदस्य नहीं लगा सकेंगे नारे, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने नियमों में किया संशोधन

कुछ सदस्यों द्वारा शपथ के दौरान नारेबाजी करने के बाद अध्यक्ष ओम बिरला ने नियम में संशोधन किया है, जिसके मुताबिक निर्वाचित सांसद सदन के सदस्य के रूप में शपथ लेते समय कोई भी अतिरिक्त टिप्पणी नहीं कर सकते है।

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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने नियमों में किया संशोधन

Photo : ANI

Lok Sabha Speaker Om Birla: लोकसभा के कुछ सदस्यों द्वारा शपथ के दौरान नारेबाजी करने के बाद अध्यक्ष ओम बिरला ने नियम में संशोधन किया है, जिसके अनुसार, निर्वाचित सांसद सदन के सदस्य के रूप में शपथ लेते समय कोई भी अतिरिक्त टिप्पणी नहीं कर सकते। लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ के दौरान कुछ सांसदों द्वारा नारे लगाए जाने के बाद, स्पीकर ओम बिरला ने एक नया खंड जोड़ने के निर्देश दिए हैं, जो निर्दिष्ट करता है कि कोई सदस्य शपथ या प्रतिज्ञान के रूप में उपसर्ग या प्रत्यय के रूप में किसी भी शब्द या अभिव्यक्ति का उपयोग नहीं करेगा। ओम बिरला ने 'अध्यक्ष द्वारा निर्देश' के 'निर्देश 1' में संशोधन किया और खंड (2) के बाद 28 जून से एक नया खंड (3) जोड़ा गया है। नए खंड में कहा गया है कि सदस्य भारत के संविधान की तीसरी अनुसूची में इस उद्देश्य के लिए निर्धारित प्रपत्र के अनुसार, जैसा भी मामला हो, शपथ लेगा और उस पर हस्ताक्षर करेगा और शपथ या प्रतिज्ञान के रूप में उपसर्ग या प्रत्यय के रूप में किसी भी शब्द या अभिव्यक्ति का उपयोग नहीं करेगा या कोई टिप्पणी नहीं करेगा।

कुछ सदस्यों ने शपथ के समय लगाए थे नारे

स्पीकर ने पहले सदस्यों द्वारा शपथ लेते समय अपेक्षित पाठ से परे शब्दों का उपयोग करने पर चिंता व्यक्त की थी और कहा था कि वह एक पैनल बनाएंगे। कुछ सदस्यों ने शपथ लेते समय जय संविधान और जय हिंदू राष्ट्र जैसे नारे लगाए थे। एक सदस्य ने जय फिलिस्तीन का नारा भी लगाया था। अठारहवीं लोकसभा का पहला सत्र मंगलवार को संपन्न हुआ। नए सदस्यों ने शपथ ली और सदन ने बहस के बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहस का जवाब दिया।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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