देश

वंदे मातरम् पर संसद में चर्चा, पढ़ें- बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का राष्ट्र गीत 'हूबहू'

Vande Mataram National Song: संसद में भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर बहस शुरू हो गई है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में सरकार को लीड कर रहे हैं। यह चर्चा BJP के उस दावे के बाद हो रही है जिसमें कहा गया है कि जवाहरलाल नेहरू के समय कांग्रेस ने धर्म के आधार पर इस गीत को दो पैराग्राफ तक छोटा कर दिया था।

Image

वंदे मातरम् पर संसद में चर्चा, पढ़ें- बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का राष्ट्र गीत 'हूबहू'

Vande Mataram National Song: डेढ़ सौ साल पहले, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम नाम की एक कविता लिखी थी, जिसका मतलब है 'मां, मैं तुम्हें नमन करता हूं'। यह पहली बार 7 नवंबर, 1875 को साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में छपी थी। बाद में, इसे रवींद्रनाथ टैगोर ने म्यूजिक दिया और यह देश की सभ्यता, राजनीतिक और सांस्कृतिक सोच का एक जरूरी हिस्सा बन गया। कई साल बाद, 1937 में कांग्रेस ने वंदे मातरम के एक बदले हुए वर्शन को देश के राष्ट्रीय गीत के तौर पर अपनाया और 1951 में राजेंद्र प्रसाद के कहने पर संविधान सभा ने इसे राष्ट्रीय गीत के तौर पर अपनाया, जबकि जन गण मन को राष्ट्रगान बनाया गया।

अब, इतने साल बीत जाने के बाद, सोमवार (8 दिसंबर) को संसद इस गाने पर एक स्पेशल सेशन कर रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में शुरू हुए इस स्पेशल सेशन में सरकार की तरफ से मोर्चा संभाला।

क्या है मामला?

संसद में वंदे मातरम पर बहस प्रधानमंत्री मोदी के इस आरोप से शुरू हुई कि कांग्रेस ने गीत से 'जरूरी लाइनें हटा दीं', जिससे 'बंटवारे के बीज बोए गए।' यह चर्चा BJP के उस दावे के बाद हो रही है जिसमें कहा गया है कि जवाहरलाल नेहरू के समय कांग्रेस ने धर्म के आधार पर इस गीत को दो पैराग्राफ तक छोटा कर दिया था। आइए हम बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के द्वारा लिखे गए वंदे मातरम को पूरा पढ़ते हैं और साथ ही इसका मतलब भी जानेंगे...

vande bharat

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का पूरा राष्ट्र गीत

vande bharat2

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का पूरा राष्ट्र गीत

vande bharat23

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का पूरा राष्ट्र गीत

vande bharat234

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का पूरा राष्ट्र गीत

vande bharat2345

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का पूरा राष्ट्र गीत

vande bharat23456

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का पूरा राष्ट्र गीत

वंदे मातरम सुजलाम सुफलाम गीत का अर्थ

हे मां, तुम्‍हें मेरा प्रणाम है। मां तुम पानी से भरी हुई हो, फलों से भरी हुई हो। हे मां तुम्हें मलय से आती हुई हवा शीतलता प्रदान करती है। हे मां तुम फसल से ढकी रहती हो। हे मां, तुम्‍हें मेरा प्रणाम है।

वो जिसकी रात्रि को चांद की रोशनी शोभायमान करती है, वो जिसकी भूमि खिले हुए फूलों से सुसज्जित पेड़ों से ढकी हुई है। सदैव हंसने वाली, मधुर भाषा बोलने वाली , सुख देने वाली, वरदान देने वाली मां तुम्‍हें मेरा प्रणाम है।

करोड़ों कंठ मधुर वाणी में तुम्हारी प्रशंसा कर रहे हैं। करोड़ों हाथों में तेरी रक्षा के लिए धारदार तलवारें निकली हुई हैं। मां कौन कहता है कि तुम अबला हो। तुम बल धारण की हुई हो। तुम तारने वाली हो। मां तुम शत्रुओं को समाप्त करने वाली हो। मां तुम्‍हें मेरा प्रणाम है।

तुम ही विद्या हो, तुम ही धर्म हो। तुम ही हृदय, तुम ही तत्व हो। तुम ही शरीर में स्थित प्राण हो। हमारी बांहों में जो शक्ति है वो तुम ही हो। हृदय में जो भक्ति है वो तुम ही हो। तुम्हारी ही प्रतिमा हर मन्दिर में गड़ी हुई है। मां तुम्‍हें मेरा प्रणाम है।

तुम ही दस अस्त्र धारण की हुई दुर्गा हो। तुम ही कमल पर आसीन लक्ष्मी हो। तुम वाणी एवं विद्या देने वाली (सरस्वती ) हो, तुम्हें प्रणाम है। तुम धन देने वाली हो, तुम अति पवित्र हो, तुम्हारी कोई तुलना नहीं हो सकती है, तुम जल देने वाली हो, तुम फल देने वाली हो। मां तुम्‍हें मेरा प्रणाम है।

हे मां तुम श्यामवर्ण वाली,अति सरल,सदैव हंसने वाली हो। तुम धारण करने वाली,पालन-पोषण करने वाली हो। मां तुम्‍हें मेरा प्रणाम है।

जय हिंद।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें
End of Article