देश

Indus Waters Treaty: 'पाकिस्तान के पत्रों से सिंधु जल संधि पर भारत का रुख नहीं बदलेगा...' बोले जल शक्ति मंत्री

संधि पर पाकिस्तानी नेता बिलावल भुट्टो की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर पाटिल ने कहा कि भुट्टो ने राजनीतिक कारणों से कई बातें कही हैं।पाकिस्तानी नेता ने सिंधु जल संधि को निलंबित किये जाने को लेकर हाल में भारत को धमकी दी थी।

Image

सिंधु जल संधि पर लगी रोक जारी रहेगी

जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने बृहस्पतिवार को कहा कि सिंधु जल संधि के निलंबन को रद्द करने के लिए पाकिस्तान का पत्र लिखना एक औपचारिकता भर है और इससे इस मामले में भारत का रुख नहीं बदलने वाला है।पाकिस्तान ने भारत को कई बार पत्र लिखकर संधि पर अपने फैसले की समीक्षा करने को कहा है। पाटिल ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सिंधु जल संधि के तहत मिलने वाला पानी कहीं नहीं जाएगा।

पाटिल ने कहा, ‘‘उन्होंने खून और पानी बहने की बात भी कही, लेकिन हम ऐसी खोखली धमकियों से नहीं डरते।’’जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया गया था वहीं, जल शक्ति मंत्री ने बांग्लादेश के साथ लंबे समय से लंबित तीस्ता जल बंटवारे समझौते पर कहा कि इस पर किसी भी प्रगति के लिए पडो़सी देश (बांग्लादेश) में राजनीतिक स्थिरता जरूरी है।

पाटिल की यह टिप्पणी इस अटके हुए समझौते को लेकर चिंताओं के बीच आई है, जो इन दोनों पड़ोसी देशों के बीच एक दशक से भी अधिक समय से एक विवादास्पद मुद्दा रहा है।पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बांग्लादेश यात्रा के दौरान इस समझौते के लिए एक व्यापक रूपरेखा पर सहमति बन गई थी, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध के कारण इसे अंतिम रूप देने में देरी हुई।

पाटिल ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिति फिलहाल स्थिर नहीं है। इसलिए, यह देश कोई भी निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है।' उन्होंने कहा, 'जब वहां हालात कुछ ठीक हो जाएंगे, तभी हम आगे बढ़ पाएंगे।' बांग्लादेश में प्रवेश करने से पहले सिक्किम और पश्चिम बंगाल से होकर बहने वाली तीस्ता नदी उत्तरी बांग्लादेश में सिंचाई और कृषि के लिए महत्वपूर्ण है।

बांग्लादेश ने अपने किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए, खास तौर पर शुष्क मौसम के दौरान, तीस्ता नदी के पानी का उचित हिस्सा मांगा है। हालांकि, भारत ने जल की अपनी आवश्यकताओं और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के साथ आम सहमति बनाने की जरूरत का हवाला दिया है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article