Padma Vibhushan to SM Krishna: भारत सरकार ने इस साल के पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस साल 106 लोगों को यह सम्मान दिया गया है। सपा के संस्थापक दिवंगत नेता मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एसएम कृष्णा (SM Krishna) को भी पद्म विभूषण (Padma Vibhushan) से नवाजा गया है अन्य पुरस्कार विजेताओं में ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) के प्रणेता दिवंगत दिलीप महालनाबिस और श्रीनिवास वर्धन शामिल हैं।
एसएम कृष्णा कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री रहने के साथ ही मनमोहन सरकार में विदेश मंत्री रह चुके हैं, उन्हें इस साल पद्म विभूषण अवॉर्ड से नवाजा गया है।
एस एम कृष्णा का जन्म1932 में हुआ था, उनका पूरा नाम सोमनाहल्ली मल्लैया कृष्णा है, SM Krishna साल 1999 से 2004 कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे और 2004 से 2008 तक महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे हैं।
2009 में विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली
22 मई 2009 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कृष्णा को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किया गया और 23 मई 2009 विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। कृष्णा कर्नाटक के मांड्या से वे कई बार सांसद चुने गए। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के प्रधानमंत्रित्व में उन्होंने मंत्री के रूप में कार्य किया। 1983-84 के बीच इंदिरा गांधी और 1984-85 के बीच राजीव गांधी के काल में वे उद्योग और वित्त राज्य मंत्री बने।
1996 और 2006 में वे राज्यसभा सदस्य चुने गए
विभिन्न कालों में वे कर्नाटक विधानसभा के सदस्य रहे। 1989-1992 के बीच वे कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री रहे। 1999 में वे कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने और प्रदेश में पार्टी को जीत दिलाई, इस तरह वे 2004 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।
आधुनिक बैंगलोर का जनक कहा जाता है
उन्होंने आधुनिक बैंगलोर का जनक कहा जाता है। उन्होंने सरकारी-निजी साझेदारी का समर्थन किया। 2004 में वे महाराष्ट्र के राज्यपाल बने। सक्रिय राजनीति में लौटने के उद्देश्य से उन्होंने 5 मार्च 2008 को उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। एसएम कृष्णा, मनमोहन सिंह मंत्रिमंडल के एक मात्र ऐसे मंत्री हैं जो मंत्री, उपमुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल और तीन बार केंद्रीय मंत्री का पद संभाल चुके हैं।
