Times Now Summit 2026 के मंच पर रेल व आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी पहुंचे और कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने विपक्ष पर फेक नैरेटिव चलाने का आरोप लगाया और कहा कि इसमें उसे हार ही मिली है। टाइम्स नेटवर्क की ग्रुप एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार के साथ बातचीत के दौरान अश्विनी ने कहा कि लोगों ने उनके फेक नैरेटिव को समझ लिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार हार से निराश है और इसलिए ऐसी नेगेटिव नेरेटिव रच रहा है। उन्होंने संविधान बदलने की बातों को पूरी तरह से झूठा नैरेटिव बताया और कहा कि असली नैरेटिव वह परिवर्तन है जो गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में दिखाई दे रहा है।
विपक्ष चला रहा फेक नैरेटिव, बोले अश्विनी
इस सवाल पर कि पश्चिम एशिया में एक युद्ध चल रहा है, लेकिन एक युद्ध भारत में भी चल रहा है। एक नैरेटिव सरकार ने दिया है और इसके विपक्ष ने चैलेंज किया है। इस नैरेटिव वॉर को आप कैसे देखते हैं। वैष्णव ने कहा, आखिर में सच की ही जीत होती है। विपक्ष फेक नैरेटिव चलाने की कोशिश कर रहा है, विपक्ष कई सालों तक सत्ता में रहा है और इस तरह के नैरेटिव चलाने में माहिर है। लेकिन हम इस तरह के नैरेटिव पराजित होने के उदाहरण देख चुके हैं। ऐसा ही एक नैरेटिव था कि सरकार संविधान बदल देगी। वे किताबें लेकर घूमते थे कि सरकार संविधान बदल देगी, लेकिन यह पूरी तरह फेक नैरेटिव था। उसमें जीरो सच्चाई थी, हम लोगों के पास गए और उन्होंने सबकुछ समझा।
संसद की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता
पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा के संबंध में उन्होंने कहा कि संसद 1950 के दशक से बने अपने नियमों के अनुसार चलती है। उन्होंने सरकार को सबसे पारदर्शी बताया और उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री ने खुद सर्वदलीय बैठक में देश के सामने स्थिति और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को स्पष्ट किया है। उन्होंने वर्तमान विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि उनका स्तर काफी नीचे गिर गया है। उन्होंने इसकी तुलना भाजपा के पूर्व नेताओं जैसे अटल बिहारी वाजपेयी, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली से की, जो विपक्ष में रहते हुए भी तथ्यों के साथ और गरिमापूर्ण तरीके से अपनी बात रखते थे।
वैष्णव ने कहा कि पहले विपक्ष और सरकार के बीच अंतरराष्ट्रीय मामलों पर कोई मतभेद नहीं होता था क्योंकि उनके लिए 'राष्ट्र प्रथम' ही सर्वोपरि था। उन्होंने वर्तमान विपक्ष के व्यवहार को उनकी हताशा और बार-बार मिलने वाली हार का परिणाम बताया।
