राष्ट्रपति मुर्मू के अभिभाषण के साथ संसद के बजट सत्र की शुरुआत, VB-G RAM G पर विपक्ष का हंगामा
- Edited by: अमित कुमार मंडल
- Updated Jan 28, 2026, 12:58 PM IST
संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार देश में सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रपति ने कहा कि देश के लगभग 95 करोड़ नागरिकों को अब सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त हो रहे हैं। राष्ट्रपति ने क्या-क्या कहा जानिए--
संसद में राष्ट्रपति का अभिभाषण
President Murmu Address in Parliament: बुधवार को संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा वीबी-जी राम जी अधिनियम का जिक्र करने पर विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया और कानून को वापस लेने की मांग करते हुए नारे लगाए। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत - रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G Act) 125 दिनों के काम की गारंटी प्रदान करेगा और भ्रष्टाचार और गबन को भी रोकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।
VB-G RAM G का विरोध
जहां एक ओर राष्ट्रपति द्वारा VB-G RAM G अधिनियम का जिक्र करने पर सत्ता पक्ष ने मेजें थपथपाकर स्वागत किया, वहीं विपक्षी सदस्यों ने कानून को वापस लेने की मांग करते हुए नारे लगाए। विपक्ष द्वारा "वापस लो" जैसे नारे लगाने पर राष्ट्रपति मुर्मू अपने संबोधन के दौरान थोड़ा रुकीं। यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) का स्थान लेने वाला है। विपक्षी दल वीबी-जी राम जी अधिनियम को वापस लेने और MNREGA को उसके मूल स्वरूप में काम के अधिकार और पंचायतों के अधिकार को बरकरार रखते हुए एक अधिकार-आधारित कानून के रूप में बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
सरकार देश में सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध
संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार देश में सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रपति ने कहा कि देश के लगभग 95 करोड़ नागरिकों को अब सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त हो रहे हैं। सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों से निपटने और पब्लिक फंड के सही इस्तेमाल को सुनिश्चित करने में सफल रही है।
देश में चल रही 150 वंदे भारत ट्रेन
बजट सत्र की शुरुआत में अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश में इस समय 150 वंदे भारत ट्रेनें दौड़ हो रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत अपना खुद का स्पेस स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
व्यापार समझौते से रोजगार के अवसर पैदा होंगे: राष्ट्रपति
राष्ट्रपति मुर्मू ने यह बात संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सेशन को संबोधित करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ (EU) के साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को गति देगा। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ‘सुधार एक्सप्रेस’ के पथ पर अग्रसर है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पुराने नियमों में बदलाव किया जा रहा है।
समानता और सामाजिक न्याय पर जोर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, बाबासाहेब अंबेडकर ने हमेशा समानता और सामाजिक न्याय पर जोर दिया। हमारा संविधान भी हमें इसी के लिए प्रेरित करता है। देश के प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव के अपने सभी अधिकार मिलने चाहिए। मेरी सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। परिणामस्वरूप, पिछले एक दशक में 25 करोड़ नागरिक गरीबी से बाहर निकल चुके हैं। सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को और सशक्त बनाने की मुहिम को और भी तेज गति से आगे बढ़ाया गया है।
महिलाओं ने तेजी से प्रगति की है
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, मेरी सरकार की प्रगतिशील सोच और नीतियों के फलस्वरूप, देश के हर महत्वाकांक्षी क्षेत्र में महिलाओं ने तेजी से प्रगति की है। इसी दिशा में कुछ महीने पहले देश ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जब राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) से महिला कैडेटों का पहला बैच उत्तीर्ण हुआ। इससे यह विश्वास और भी मजबूत हुआ है कि देश के विकास और सशक्तिकरण में 'नारी शक्ति' सर्वोपरि है।
अब सिर्फ 8 जिले ही नक्सल प्रभावित: राष्ट्रपति मुर्मू
उन्होंने कहा कि एक समय देश के 126 जिलों में माओवाद का भय और अविश्वास फैला हुआ था, लेकिन आज यह चुनौती सिमटकर सिर्फ 8 जिलों तक रह गई है, जिनमें से केवल 3 जिले ही गंभीर रूप से प्रभावित हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि माओवादी विचारधारा ने वर्षों तक कई पीढ़ियों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया। इस हिंसा का सबसे अधिक दुष्प्रभाव युवाओं, आदिवासियों और दलितों पर पड़ा। उन्होंने कहा कि माओवाद के कारण इन वर्गों को विकास, शिक्षा और शांति से वंचित रहना पड़ा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बताया कि बीते एक वर्ष में माओवाद से जुड़े करीब 2000 लोगों ने आत्मसमर्पण किया है। इसके चलते लाखों नागरिकों के जीवन में शांति लौटी है और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल हो रही है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि वह दिन दूर नहीं जब देश से माओवादी आतंक का पूरी तरह से सफाया हो जाएगा। राष्ट्रपति ने सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और सरकार की स्पष्ट नीति की सराहना करते हुए कहा कि शांति और विकास की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
संसद परिसर में औपचारिक स्वागत
इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का शुक्रवार को संसद परिसर में औपचारिक स्वागत किया गया। मुर्मू जब बग्घी में सवार हो कर संसद भवन पहुंचीं तब उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और सरकार द्वारा सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में अपनाए गए ‘सेंगोल (राजदंड)’ को धारण किए एक अधिकारी ने उनका अभिनंदन किया। राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया, जिसके साथ ही बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत हुई।
राष्ट्रीय राजधानी में धुंधभरी सुबह के बीच राष्ट्रपति मुर्मू छह घोड़ों द्वारा खींची जाने वाली पारंपरिक बग्घी में सवार हो कर संसद पहुंचीं। उनके साथ राष्ट्रपति का अश्वारोही अंगरक्षक दल का दस्ता भी था। संसद भवन के लॉन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री मोदी, लोकसभा अध्यक्ष बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू उन्हें लोकसभा कक्ष तक लेकर गए।
राष्ट्रपति के आगमन से पहले, पारंपरिक वेशभूषा पहने लोकसभा के एक वरिष्ठ मार्शल ने ‘राजदंड’ (सेंगोल) को उसके स्थान से हटाया और ड्रम की थाप के बीच अध्यक्ष ओम बिरला के साथ जुलूस के रूप में आगे बढ़े। उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष ने संसद भवन के गज द्वार पर राष्ट्रपति का स्वागत किया और ‘राजदंड’ को श्रद्धापूर्वक धारण किए अधिकारी के नेतृत्व में सभी लोग लोकसभा कक्ष पहुंचे।
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