Indian Army Pakistan strike video: इंडियन आर्मी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर एक खास वीडियो जारी कर उस सैन्य कार्रवाई को याद किया, जिसने पिछले साल भारत-पाकिस्तान सीमा पर बड़ा संदेश दिया था। सेना की ओर से जारी वीडियो में ऑपरेशन की तैयारी, सटीक हमलों और आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने की झलक दिखाई गई है।
यह ऑपरेशन पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था। उस हमले में कई निर्दोष लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने जवाबी कार्रवाई की योजना बनाई। सेना के मुताबिक, ऑपरेशन का मकसद बदला नहीं बल्कि न्याय था।
वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे ड्रोन, निगरानी तकनीक और आधुनिक हथियारों की मदद से सीमा पार मौजूद आतंकी ठिकानों की पहचान की गई और फिर बेहद कम समय में उन पर सटीक हमला किया गया। सेना ने इसे तेज, सटीक और निर्णायक कार्रवाई बताया है।
इंडियन आर्मी की वीडियो की शुरुआत पीएम मोदी से
भारतीय सेना द्वारा जारी किए गए वीडियो की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से होती है, जिसमें उन्होंने कहा, 'भारत आतंकवादियों और उनके समर्थकों की पहचान करेगा, उनका पता लगाएगा और उन्हें खत्म कर देगा,' और इसे 'राष्ट्रीय संकल्प' बताया। इस वीडियो में पहलगाम आतंकी हमले की भयावहता को याद किया गया है और उन नौ आतंकी ठिकानों की सूची दी गई है, जिन्हें 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारतीय सेना ने निशाना बनाया था।
अंत में, वीडियो का समापन भारतीय प्रधानमंत्री के एक और संबोधन के साथ होता है, जिसमें उन्होंने भारत के संकल्प को साझा किया। सिंधु जल संधि के निलंबन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते, आतंक और व्यापार साथ-साथ नहीं चल सकते, और पानी और खून साथ-साथ नहीं बह सकते।'
भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ को याद किया
इससे पहले, भारतीय वायु सेना ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें यह संदेश था कि 'भारत कुछ भी नहीं भूलता।' दिलचस्प बात यह है कि भारतीय सेना ने अपना वीडियो 7 मई को सुबह 1:05 बजे पोस्ट किया था, जो ठीक वही समय था जब पिछले साल 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया गया था। यह मिशन पहलगाम में हुए उस भयानक आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था, जिसने 22 अप्रैल, 2025 को पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। उस दिन पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने कश्मीर के एक पर्यटन स्थल में घुसपैठ की थी और 26 भारतीय नागरिकों की हत्या कर दी थी।
