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ब्रिटिश सैनिकों की मदद से स्वर्ण मंदिर में चला था ऑपरेशन ब्लू स्टार, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का बड़ा दावा

Operation Blue Star: निशिकांत दुबे ने ऑपरेशन ब्लू स्टार को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर निशाना साधा। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पत्र शेयर किया। उन्होंने लिखा कि 1984 में ब्रिटिश सैनिकों के सहयोग से ऑपरेशन ब्लू स्टार करने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री मारग्रेट थैचर को यह पत्र भेजा।

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ब्रिटिश सैनिकों के सहयोग से हुआ था ऑपरेशन ब्लू स्टार: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे

Operation Blue Star: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि इंदिरा गांधी ने इस ऑपरेशन के लिए ब्रिटिश सैनिकों का सहयोग लिया और इसके बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री मारग्रेट थैचर को पत्र लिखकर अपनी आंतरिक समस्याएं साझा कीं। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पत्र शेयर किया। उन्होंने लिखा कि 1984 में ब्रिटिश सैनिकों के सहयोग से ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ करने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री मारग्रेट थैचर को यह पत्र भेजा। क्या कभी भी एक सार्वभौमिक राष्ट्र का प्रधानमंत्री दूसरे देश के साथ अपनी आंतरिक समस्या बताता है? उन्होंने आगे कहा कि विदेशियों से लड़ने के लिए तो सामरिक सहयोग चाहिए, लेकिन अपने देश के निहत्थे लोगों को मारने के लिए विदेशी सामरिक सहयोग को क्या कहते हैं?

निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार पर लगाए कई गंभीर आरोप

निशिकांत दुबे ने मंगलवार को पूर्व पीएम नेहरू पर 1963 में ओडिशा (उड़ीसा) का चरबटिया एयरपोर्ट अमेरिका को देने का दावा किया था। भाजपा सांसद ने एक्स पर लिखा कि राहुल गांधी और कांग्रेस के परिवार का अमेरिका के आगे सरेंडर। नेहरु जी ने 1963 में हमारे ओडिशा का चरबटिया एयरपोर्ट अमेरिका को दे दिया। गुलामी और देश बेचने, तोड़ने की मानसिकता ने हमें पाकिस्तान की तरह अमेरिका के सामने खड़ा कर दिया। यह काला अध्याय, मन विचलित भी है और व्यथित भी।

इसके अलावा, उन्होंने नेहरू-गांधी परिवार पर अमेरिका के आगे नतमस्तक होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा था कि अमेरिका के आगे नतमस्तक नेहरू-गांधी परिवार। राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और भारत की आस्था के साथ किसानों की तबाही। क्या केदारनाथ का हादसा अमेरिका के न्यूक्लियर वस्तु के कारण हुआ, जो नंदा देवी पर्वत शिखर के ऊपर से 1960 में गायब हो गया? क्या तीस्ता नदी के बाढ़ का भी वही कारण है? गंगोत्री-यमुनोत्री के पिघलते ग्लेशियर और गंगा के पानी में लगातार कमी किसानों की तबाही के लिए जिम्मेदार है, कांग्रेस पार्टी के नेहरू जी का सरेंडर?

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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