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भारत की 5 सबसे प्राचीन UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स, जिनका इतिहास आपको टाइम ट्रैवल करा देगा!

भारत में कुल 44 यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स मौजूद हैं, जिनमें से कुछ जगहों का इतिहास इतना पुराना है कि वे हजारों साल पहले की सभ्यता की कहानी आज भी बयां करती हैं। ये स्थल सिर्फ ऐतिहासिक नहीं, बल्कि रहस्यों और अद्भुत कलाकारी से भी भरपूर हैं, आइए जानते हैं भारत की 5 सबसे प्राचीन यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स कौन-सी हैं?

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भारत की 5 सबसे पुरानी UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स (AI Image)

UNESCO World Heritage India: दुनियाभर में 1200 से ज्यादा UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स मौजूद हैं, ये सिर्फ पत्थर और इमारतों से बनी जगह नहीं, बल्कि सदियों पुरानी कहानियां अपने अंदर समेटे हुए हैं। इस लिस्ट में इटली सबसे आगे है, जहां करीब 58 यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स हैं। लेकिन भारत भी किसी से कम नहीं, यहां की धरती इतिहास और संस्कृति की अनमोल धरोहरों से भरी हुई हैं। भारत 44 वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स के साथ छठे स्थान पर खड़ा है। अब जरा सोचिए, जब यहां इतनी सारी धरोहरें हैं, तो आखिर भारत की सबसे पुरानी वर्ल्ड हेरिटेज साइट कौन-सी होगी? आइए जानते हैं इस सवाल के जवाब।

भीमबेटका की गुफाएं

भारत की सबसे प्राचीन यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट भीमबेटका की गुफाओं को माना जाता है, जो मध्य प्रदेश में भोपाल से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित है। ये ऐतिहासिक धरोहर 750 से ज्यादा चट्टानी गुफाओं से बनी हैं। ये गुफाएं करीब 10 किलोमीटर के दायरे में फैली हैं और हजारों साल पुरानी बताई जाती हैं। इन गुफाओं की दीवारों पर बने चित्र बताते हैं कि यहां करीब 11,000 साल पहले इंसानों का बसेरा हुआ करता था। गुफा की दीवारों पर बने चित्र प्राचीन इंसानों के जीवन, शिकार, त्योहार और रहन-सहन को दिखाते हैं। ये जगह इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा संगम है।

धोलावीरा

धोलावीरा गुजरात के कच्छ जिले में स्थित ऐतिहासिक जगह है। यह लगभग 5,000 साल पुराना हड़प्पा काल का एक महत्वपूर्ण शहर है। यह मासर और मानहर नदियों के पास बसा था। इसे 2021 में यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल किया गया। यह जगह अपने समय की बेहतरीन नगर योजना और शानदार वॉटर सिस्टम के लिए जानी जाती है। इसे सिंधु सभ्यता के सबसे खूबसूरत और विकसित शहरों में माना जाता है।

सांची स्तूप

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित सांची स्तूप एक प्रसिद्ध बौद्ध स्मारक और ऐतिहासिक स्थान है। इतिहासकारों के अनुसार, इसे करीब 2300 साल पुराना माना जाता है। मौर्य वंश के सम्राट अशोक ने तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में बनवाया था। इसे भारत की सबसे प्राचीन संरचनाओं में गिना जाता है। भोपाल से करीब 56 दूर एक पहाड़ी पर स्थित यह स्तूप दुनिया के सबसे पुराने बौद्ध स्मारकों में से एक है। साल 1989 में इसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल किया गया।

अजंता की गुफाएं

महाराष्ट्र में स्थित अजंता की गुफाओं को लगभग 2000 साल पुराना माना जाता है। ये गुफाएं औरंगाबाद जिले में वाघोरा नदी के किनारे स्थित हैं। इन्हें बौद्ध स्मारक की गुफाएं माना जाता है। जो अपनी सुंदर पेंटिंग्स और मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध हैं। अजंता की गुफाएं भारत की प्राचीन ऐतिहासिक जगहों में से एक हैं। इन्हें साल 1983 में यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा दिया। इसे देखने के लिए देश-विदेश से लोग यहां आते हैं।

महाबोधि मंदिर

बिहार में स्थित इस जगह का इतिहास भगवान बुद्ध के समय का है। यह गया जिले में स्थित वह पवित्र स्थान है, जहां महात्मा बुद्ध को करीब 2500 साल पहले ज्ञान प्राप्त हुआ था। लगभग 300 ईसा पूर्व सम्राट अशोक ने यहां मंदिर बनवाया था। यह दुनिया के सबसे प्राचीन ईंटों से बने बौद्ध मंदिरों में से एक है। आज भी यह मंदिर बौद्ध धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल है। इसे 2002 में यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया गया।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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