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भारत के खिलाफ ISI की बड़ी साजिश का खुलासा! उड़ीसा STF ने 3 को दबोचा, पाक एजेंटो को भेजते थे OTP

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated May 15, 2023, 05:52 PM IST

उड़ीसी एसटीएफ ने एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) के एक शिक्षक सहित तीन को इस मामले में गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जेएन पंकज ने कहा कि तीनों ने दूसरों के नाम से बड़े पैमाने पर सिम कार्ड खरीदे और ओटीपी को विभिन्न ग्राहकों को बेचा। जिसमें कुछ पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी और आईएसआई एजेंट भी शामिल थे। इसके बदले इन्हें काफी पैसे मिले।

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उड़ीसा से पाकिस्तान के तीन मददगार गिरफ्तार (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)

पाकिस्तान जल रहा है, पूरी तरह से बर्बाद होने की कगार पर है, लेकिन उसकी खुफिया एजेंसी अपने देश को बचाने की बजाय भारत के खिलाफ साजिश रच रही है। उड़ीसी से पाकिस्तान के तीन मददगार गिरफ्तार किए हैं। ये स्थानीय सिम खरीदगर उसका ओटीपी आईएसआई(ISI) को देते थे, ताकि वो भारत खिलाफ और अपने एंजेंटों का अकाउंट बना सके।

क्या है आरोप

उड़ीसी एसटीएफ ने एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) के एक शिक्षक सहित तीन को इस मामले में गिरफ्तार किया है। इनपर धोखे से दूसरों के नाम से बड़ी संख्या में सिम कार्ड प्राप्त करने और कुछ पाकिस्तानी लोगों को ओटीपी बेचने का आरोप है। अधिकारियों ने कहा कि ये पाकिस्तान और भारत में इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स (पीआईओ) और आईएसआई (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) को ओटीपी देते थे।

क्या कहा एसटीएफ ने

एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जेएन पंकज ने कहा कि तीनों ने दूसरों के नाम से बड़े पैमाने पर सिम कार्ड खरीदे और ओटीपी को विभिन्न ग्राहकों को बेचा। जिसमें कुछ पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी और आईएसआई एजेंट भी शामिल थे। इसके बदले इन्हें काफी पैसे मिले।

इनके पास से क्या मिला

एसटीएफ के अधिकारियों ने आरोपी व्यक्तियों से 47 सिम कार्ड, 61 एटीएम कार्ड और 23 सिम कवर जब्त किए है। आईजीपी ने कहा कि आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 419/420/465/467/468/471/120(बी)/34 आईपीसी आर/डब्ल्यू 66सी और 66डी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पाक की महिला एजेंट से था संपर्क

आईजीपी ने कहा कि तीनों आरोपी पठानी सामंत लेनका (35), सरोज कुमार नायक उर्फ (26) और सौम्या पटनायक (19) एक महिला पीआईओ एजेंट के संपर्क में थे, जिसे पिछले साल राजस्थान में एक आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम / हनी-ट्रैप मामले में गिरफ्तार किया गया था। इन ओटीपी का उपयोग तब व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि पर विभिन्न खातों/चैनलों और अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट जैसी ऑनलाइन शॉपिंग साइटों को बनाने के लिए किया जाता था। ईमेल खाते खोलने में भी ओटीपी का उपयोग किया जाता था। हालांकि ये खाते भारतीय मूल के हैं, लेकिन असल में इन्हें पाकिस्तान से संचालित किया जाता था।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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