ओडिशा में राज्यसभा चुनाव में चौथी सीट के लिए लड़ाई अलग ही मोड़ लेती दिख रही है। कांग्रेस के बाद अब बीजेपी ने अपने विधायकों को अलग शिफ्ट कर दिया है। कांग्रेस जहां अपने विधायकों को कर्नाटक शिफ्ट कर चुकी है, वहीं बीजेपी ने अपने विधायकों को पारादीप भेज दिया है। ओडिशा में दोनों ही पार्टियों को क्रॉस वोटिंग का डर सताते हुए दिख रहा है। राज्यसभा चुनाव के लिए 16 मार्च को वोट डाले जाएंगे।
सभी विधायक पहुंचे पारादीप
PTI के अनुसार राज्यसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने सभी विधायकों को पारादीप भेज दिया है। शनिवार को पार्टी मुख्यालय में हुई अहम बैठक के बाद मंत्री समेत भाजपा विधायक दो लग्जरी बसों से इस बंदरगाह शहर के लिए रवाना हुए। बैठक में ओडिशा भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए मनमोहन सामल और सांसद सुजीत कुमार को आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है, जबकि पार्टी नेता और होटल व्यवसायी दिलीप रे को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में समर्थन दिया है।
दिलीप रे के रिसॉर्ट में रुकेंगे विधायक
पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा विधायक पारादीप में दिलीप रे के स्वामित्व वाले एक लग्जरी होटल में ठहरेंगे। बस में सवार होते समय खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री के.सी. पात्रा ने कहा कि पार्टी को 16 मार्च को होने वाले चार में से तीन राज्यसभा सीटें जीतने का पूरा भरोसा है। उन्होंने बताया कि विधायकों को पारादीप में मतदान प्रक्रिया को लेकर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिसके बाद वे मतदान के लिए भुवनेश्वर लौटेंगे।
विपक्ष में मतदान से पहले फूट
इस बीच बीजू जनता दल (बीजद) के विधायक भी शनिवार शाम पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक द्वारा बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए। वहीं कांग्रेस के मोहाना से विधायक दसरथी गोमांगो से संपर्क नहीं हो पा रहा है। कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र कदम ने कहा कि उनसे संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी तक बात नहीं हो पाई है। बाराबती-कटक से कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने बीजद समर्थित साझा उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता को समर्थन देने के पार्टी के फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बीजद के साथ समझौता कांग्रेस के लिए नुकसानदेह हो सकता है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह पार्टी के फैसले के अनुसार वोट देंगी या नहीं। बीजद ने संत्रुप्त मिश्रा को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है, जबकि प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट डॉ. दत्तेश्वर होता को साझा उम्मीदवार के रूप में उतारा है, जिन्हें कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का समर्थन प्राप्त है।
