Odisha Crime: कानून के हाथ लंबे होते हैं और वो अपराधियों को पाताल से भी ढूंढ निकालते हैं—यह कहावत ओडिशा में सच साबित हुई है। भुवनेश्वर पुलिस ने एक ऐसे हत्या के आरोपी को धर-दबोचा है जो पिछले 32 सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। इस शातिर अपराधी ने खुद को बचाने के लिए घर के अंदर जमीन के नीचे एक सीक्रेट बंकर (Underground Chamber) बना रखा था, लेकिन उसकी एक छोटी सी गलती ने तीन दशकों पुराने इस राज से पर्दा उठा दिया।
चचेरे भाई की कुल्हाड़ी से की थी हत्या
कुआखिया पुलिस थाना क्षेत्र के नुहाट गांव के निवासी 58 वर्षीय रबिंद्र मल्लिक पर आरोप है कि उसने 21 अक्टूबर 1994 को अपने 27 वर्षीय चचेरे भाई परमानंद मल्लिक की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी। उस समय परमानंद मल्लिक की उम्र 26 वर्ष थी। स्थानीय अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित मल्लिक पिछले 32 वर्षों से लगातार अपना स्थान और पहचान बदलकर गिरफ्तारी से बचता आ रहा था।
कई जगहों पर करता था काम
पुलिस ने बताया कि उसने आदमपुर गांव का निवासी बनकर फर्जी पहचान के जरिए आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र बनवाए थे। वह हैदराबाद, केरल और अन्य जगहों पर राजमिस्त्री का काम करता था और साथ ही परिवार के सदस्यों से संपर्क बनाए रखता था।मल्लिक ने 1998 में अपने छिपने के दौरान मंजुलता से शादी की थी।
वहीं, पुलिस की टीमें सालों तक उसकी तलाश में भटकती रहीं, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि जिस मुल्जिम को पुलिस देश के अलग-अलग कोनों में तलाश रही है, वह कहीं बाहर नहीं बल्कि अपने ही ठिकाने पर जमीन के नीचे बने एक बंकरनुमा चैंबर में ऐशो-आराम की जिंदगी काट रहा था। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए उसने इस सीक्रेट केबिन को इस तरह डिजाइन किया था कि ऊपर से देखने पर किसी को शक तक न हो।
पुलिस ने आरोपी के ठिकाने पर मारा छापा
इतने लंबे समय तक भूमिगत रहने के बाद आखिरकार आरोपी की किस्मत ने उसका साथ छोड़ दिया। पुलिस की स्पेशल टीम को एक पुख्ता खुफिया इनपुट मिला कि मर्डर का पुराना आरोपी अपने इलाके के आसपास ही देखा गया है। जब पुलिस ने बताए गए ठिकाने पर छापा मारा, तो शुरुआत में वहां कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
पुलिस अधिकारियों ने जब घर की बारीकी से तलाशी ली, तो उन्हें फर्श के नीचे एक खुफिया रास्ता दिखाई दिया। जब उस गुप्त चैंबर को खोला गया, तो अंदर का नजारा देखकर खुद पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। शनिवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने बताया कि उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
