Odisha HC on Consent Sex : सहमति से सेक्स की उम्र घटाने की चर्चा के बीच ओडिशा हाई कोर्ट ने करीब 10 सालों से रेप की सजा काट रहे एक व्यक्ति को रिहा कर दिया है। कोर्ट में पीड़िता ने बयान दिया कि सेक्स उसकी सहमति से हुआ था। कोर्ट ने युवती के बयान पर कहा कि आरोपी को दोषी ठहराने के लिए रेकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से रेप साबित नहीं हुआ था। लड़की ने जब आरोपी के साथ शारीरिक संबंध बनाए तब उसकी उम्र 17 साल थी।
लड़की ने जानते हुए भी संबंध बनाए-कोर्ट
जस्टिस एसके साहू ने कहा कि रेकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों को देखने से ऐसा लगता है कि लड़की की उम्र उस समय 17 साल थी और वह आरोपी के साथ जंगल में जाया करती थी। वह रोजाना उसके साथ सेक्स करती थी। लड़की यह भलीभांति जानती थी कि जिसके साथ वह शारीरिक संबंध बना रही है वह शादीशुदा और चार बच्चों का पिता है। उस दौरान उसने किसी तरह की आपत्ति नहीं की। साथ ही लड़की ने अपने इस संबंध को तब तक छिपाया जब तक कि वह प्रेग्नेंट नहीं हो गई।
सेक्स लड़की की सहमति से हुआ
जस्टिस ने पांच जुलाई के अपने फैसले में कहा, 'आरोपी ने कभी लड़की से शादी करने का वादा नहीं किया। लड़की यह भी जानती थी कि आरोपी के साथ उसकी शादी नहीं हो सकती क्योंकि वह शादीशुदा है और उसके बच्चे हैं। इसलिए मेरी विनम्र राय है कि सेक्स उसकी सहमति से हुआ।'
आरोपी ने अपनी सजा को चुनौती दी
बता दें कि सुंदरगढ़ के अतिरिक्त एवं सत्र न्यायालय ने 14 अगस्त 2018 को शांतनू कौडी को रेप का दोषी करार दिया। इससे पांच साल पहले लड़की के पिता ने शांतनू के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसके बाद साल 2019 में कौडी ने इस सजा को चुनौती दी। हालांकि कोर्ट ने कहा कि लड़की को दी गई मुआवजे की रकम उससे वापस लेने की जरूरत नहीं है।
