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चीन के विदेश मंत्री से मिले NSA डोभाल, PAK से संघर्ष के बाद पहली उच्च स्तरीय बैठक, आतंकवाद पर हुई चर्चा

एनएसए अजीत डोभाल शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन की यात्रा पर हैं। डोभाल और वांग ने भारत-चीन संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया। दोनों पक्ष पूर्वी लद्दाख सीमा गतिरोध के बाद संबंधों में आए तनाव को दूर करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

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बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात करते एनएसए अजीत डोभाल।

Doval Meets Wang Yi : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की चीन के विदेश मंत्री वांग यी से बीजिंग में सोमवार को मुलाकात हुई। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की सुरक्षा परिषद सचिवों की 20वीं बैठक में हिस्सा लेने के लिए डोभाल बीजिंग पहुंचे हैं। इस मुलाकात के दौरान पक्षों ने भारत-चीन से जुड़े हाल के घटनाक्रमों की समीक्षा की और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया। बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ हुए संघर्ष और जारी तनाव के बाद चीन के साथ यह पहली उच्च स्तरीय बैठक है।

आतंकवाद का मुकाबला करने पर दिया जोर

डोभाल ने आतंकवाद का मुकाबला करने पर ऐसे वक्त जोर दिया है जब लगभग डेढ़ महीने पहले भारत ने 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में कई आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया था। डोभाल शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन की यात्रा पर हैं। डोभाल और वांग ने भारत-चीन संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया। दोनों पक्ष पूर्वी लद्दाख सीमा गतिरोध के बाद संबंधों में आए तनाव को दूर करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रम की समीक्षा

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों देशों ने भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रम की समीक्षा की और लोगों के बीच अधिक से अधिक संपर्क बढ़ाने सहित द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता को रेखांकित किया। बयान में कहा गया, ‘एनएसए ने क्षेत्र में समग्र शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी प्रकार के आतंकवाद का मुकाबला करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।’ इस टिप्पणी को चीन को एक अप्रत्यक्ष संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है कि वह अपने सदाबहार मित्र पाकिस्तान पर अपनी धरती से गतिविधियां चला रहे आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए दबाव डाले।

चीन-भारत संबंधों में कुछ सकारात्मक प्रगति

भारत में चीनी राजदूत शू फेइहोंग के अनुसार, वांग ने कहा कि चीन-भारत संबंधों में कुछ सकारात्मक प्रगति हुई है और यह आवश्यक है कि दोनों पक्ष संवाद को और बढ़ाएं, आपसी विश्वास का निर्माण करें तथा व्यावहारिक मुद्दों को सुलझाने की दिशा में काम करें। शू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘केवल तभी दोनों देशों के लिए फायदेमंद स्थिति हो सकती है जब भारत और चीन मिलकर करेंगे। चीन और भारत को संवेदनशील मुद्दों को उचित तरीके से संभालना चाहिए और सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखना चाहिए।’ राजदूत ने कहा, ‘डोभाल ने कहा कि भारत बहुपक्षीय क्षेत्रों में चीन के साथ सहयोग मजबूत करने का इच्छुक है और एक सफल शिखर सम्मेलन की मेजबानी में शंघाई सहयोग संगठन की अध्यक्षता के रूप में चीन की भूमिका का पूर्ण समर्थन करता है।’

वैश्विक मुद्दों पर भी बात हुई

विदेश मंत्रालय ने कहा कि डोभाल और वांग ने आपसी हित के अन्य द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। बयान के अनुसार, ‘एनएसए ने कहा कि वह विशेष प्रतिनिधि (एसआर) वार्ता के 24वें दौर के लिए पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तिथि पर भारत में वांग यी के साथ बैठक करने के लिए उत्सुक हैं।’चीन एससीओ के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में समूह के सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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