Surendra Pal Singh TT: कुछ दिनों पहले तक जिनकी चमकती किस्मत के चर्चे थे, आज उनकी किस्मत ने ऐसी पलटी मारी है कि भाजपा जैसी पार्टी भी सोच में पड़ गई हो गई। हम बात कर रहे हैं, राजस्थान सरकार में मंत्री बनाए गए सुरेंद्र पाल सिंह टीटी की। सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को कुछ दिनों पहले बीजेपी की भजनलाल सरकार में मंत्री बनाया गया था, जब टीटी मंत्री बने थे, तब वो चुनावी मैदान में ही थे। अब चुनाव हार गए हैं। ऐसे में अब सुरेंद्र पाल सिंह टीटी के राजनीतिक भविष्य पर खतरा मंडराने लगा है।
सुरेंद्र पाल सिंह टीटी का अब क्या होगा
अब सुरेंद्र पाल सिंह टीटी का मंत्री पद से हटना तय लग रहा है। क्योंकि मंत्री बने रहने के लिए सदन का सदस्य होना जरूरी है, अगर कोई सदस्य नहीं है तो 6 महीने के अंदर उसे सदस्य बनना होगा, जिसकी संभावना सुरेंद्र पाल सिंह टीटी के सामने कम ही है।
भाजपा के सामने विकल्प
आजादी के बाद भारत के इतिहास में शायद ये पहली बार था जब बीच चुनाव किसी कैंडिडेट को मंत्री बना दिया गया था। जिसके बाद कांग्रेस ने जमकर हमला बोला था। चुनाव में शायद इसका सही मैसेज नहीं गया। अब सुरेंद्र पाल सिंह टीटी की हार के बाद भाजपा पर दवाब बढ़ गया होगा। भाजपा अब शायद की सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को मंत्री पद पर बनाए रखने को जोखिम लेगी।
करणपुर सीट पर लेट से चुनाव क्यों
सुरेंद्र पाल सिंह टीटी करणपुर सीट से चुनाव लड़ रहे थे। इस सीट पर विधानसभा चुनाव के समय 25 नवंबर को मतदान नहीं हुआ था, क्योंकि कांग्रेस प्रत्याशी का निधन हो गया था, इसके बाद इस सीट पर 5 जनवरी को वोटिंग हुई। भाजपा ने सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को चुनावी मैदान में उतारा था, बीच चुनाव मंत्री बनाया लेकिन चुनाव में हार गए।
